‘भारत माता की जय’ बोलने से टीचर करता था मना, बिहार शिक्षा विभाग ने स्कूल से हटाया

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय चांदन बीआरसी निर्धारित किया गया है. नए साल के चौथे दिन यानी 4 जनवरी 2025 को शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की. रजा पर स्कूल की गतिविधियों में रुचि न लेने, भारत माता की जय के नारे का विरोध करने और कई अन्य आरोप हैं. डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने उनके विरुद्ध कार्रवाई का पत्र जारी किया है. विभागीय जांच भी शुरू हो गई है.

प्रधानाध्यापक से भी शॉकॉज : इसके अलावा स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह विशिष्ट शिक्षक राजीव कुमार से भी शॉकॉज मांगा गया है. स्कूल में कई अनियमितताएं पाई गई हैं. जैसे कक्षाएं समय पर न चलना और आधार कार्ड बनाने के लिए पैसे लेना. जिलाधिकारी ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और हॉफ सीएल पर सवाल उठाए. समय से पहले स्कूल छोड़ने वाले शिक्षकों को डीपीओ कार्यालय में हाजिर होना होगा.

मास्टर साहब पर की गंभीर आरोप: हसन रजा पर कई गंभीर आरोप हैं. कहा जा रहा है कि वे स्कूल की गतिविधियों में कोई रुचि नहीं लेते थे. इसके अलावा वे भारत माता की जय बोलने का विरोध करते थे और अक्सर विवादास्पद टिप्पणियां करते थे. कार्यालय आदेश के अनुसार रजा पर स्कूल में कुर्सी पर सोने, प्रार्थना के दौरान बिहार गीत में बाधा डालने और भारत माता की जय बोलने पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं.

डीपीओ ने दिये जांच के आदेश: इन आरोपों की जांच के लिए डीईओ और डीपीओ कई बार स्कूल का दौरा भी कर चुके हैं. रजा पर शैक्षणिक कार्यों में भी असहयोग का आरोप है. डीपीओ ने उनके इस रवैये को स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है.

स्कूल में बाकी गड़बड़ियों पर भी स्पष्टीकरण मांगा:स्कूल की अन्य गड़बड़ियों को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. कक्षाएं समय पर न चलने, आधार कार्ड बनाने के लिए कैफ़े द्वारा पैसे वसूलने जैसे मामलों में उनसे 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया है. मालूम हो कि विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक विनय राय को भी विभिन्न आरोपों पर कुछ दिन पहले हटा दिया गया है. इसके बाद वे चिकित्सा अवकाश में चल गए हैं.

“हसन रजा के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. कई साक्ष्य भी शिक्षा विभाग के पास हैं. उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया है.”-संजय कुमार यादव, डीपीओ

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