निगरानी ने बिहार के एक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर आखिर क्यों दर्ज कराया केस? वजह जानकर हैरान हो जाएंगे

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में शिक्षा विभाग में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रहे जिले के 14 शिक्षकों के खिलाफ निगरानी डीएसपी ने केस दर्ज कराया है। एकसाथ दर्जनभर से अधिक शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद हड़कंप मच गया है।

निगरानी डीएसपी ने संग्रामपुर, गोबिंदगंज, हरसिद्धि, कल्याणपुर, चिरैया, सुगौली और केसरिया थाना में आवेदन देकर 14 फर्जी प्रमाणपत्र पर कार्यरत शिक्षकों पर केस दर्ज कराया है। निगरानी विभाग के इस एक्शन से फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

निगरानी डीएसपी ने सुगौली प्रखंड के एक, हरसिद्धि के दो, संग्रामपुर के 05, केसरिया के 02, चिरैया के 02, कल्याणपुर के एक और अरेराज प्रखंड के एक शिक्षक का बी-टीईटी के प्रमाणपत्र फर्जी होने पर प्राथमिकी दर्ज कराया है। सूत्रों की माने तो शारीरिक शिक्षक सहित फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल कई शिक्षक अभी भी निगरानी के रडार पर है।

जिन शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है उनमें, सुगौली के शिक्षक विद्या किशोर, हरसिद्धी के शिक्षक पप्पू कुमार, हरसिद्धी के शिक्षक राजकुमार राम, संग्रामपुर के शिक्षक कुंदन कुमार, संग्रामपुर की शिक्षिका निक्की कुमारी, संग्रामपुर के ही शिक्षक नौशाद अली, संग्रामपुर के शिक्षक अमित कुमार सिंह शामिल हैं।

इसके अलावा संग्रामपुर के शिक्षक मुकेश कुमार रंजन, केसरिया के शिक्षक ओम प्रकाश चौधरी, केसरिया की शिक्षिका बेबी कुमारी, चिरैया के शिक्षक प्रभु प्रसाद, कल्याणपुर के शिक्षक प्रमोद कुमार भारती और अरेराज की शिक्षिका सुधा कुमारी के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया गया है।

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