‘राष्ट्रपति के पास मांग को रखें’, शिक्षकों ने BPSC अभ्यर्थियों को दी सलाह, बोले- जोश के साथ होश जरूरी

बीपीएससी 70वीं प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर लगातार 14वें दिन पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी हैं. बीते दिनों प्रशांत किशोर के कॉल पर अभ्यर्थी गर्दनीबाग से उठकर गांधी मैदान गए. गांधी मैदान से सीएम हाउस का घेराव करने के लिए निकले थे. इसी बीच जेपी गोलंबर के पास अभ्यर्थियों पर पानी की बौछारें और लाठी चार्ज हुआ.

‘जोश के साथ होश रखें’: अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पीके ने आंदोलन का राजनीतिकरण करते हुए आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की है. ऐसे में शिक्षक अभ्यर्थियों को चेताने लगे हैं कि ‘अपने आंदोलन का नेतृत्व अपने हाथ रखें. जोश के साथ होश भी रखें.’ सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की तैयारी करने वाले गुरुमंत्रा सिविल क्लासेस के शिक्षक चंद्रशिव कुमार का कहना है कि युवा यदि होश से काम नहीं लेंगे तो आंदोलन के उनके जोश का इस्तेमाल राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए करेंगे.

“युवा समानता के अधिकार का हवाला देते हुए नॉर्मलाइजेशन का विरोध कर रहे हैं. इसी कारण से री एग्जामिनेशन की डिमांड कर रहे हैं. संविधान ने समानता का अधिकार दिया है तो उसकी रक्षा के लिए न्यायपालिका भी बनाई है. आंदोलन पर बैठे युवा इस मांग को लेकर हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट जाएं. इससे भी नहीं होता है राष्ट्रपित के पास जाएं.” -चंद्रशिव कुमार, गुरुमंत्रा सिविल क्लासेस

राष्ट्रपति सर्वोच्च: शिक्षक ने कहा कि अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति गार्जियन हैं. अभ्यर्थियों को यह समझना होगा कि किसी भी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को सिर्फ राष्ट्रपति ही हटा सकते हैं. अभ्यर्थी आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ भी बातें कर रहे हैं और उनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में अभ्यर्थियों के पास जो भी साक्ष्य है उसे इकट्ठा करें और अपनी मांग को लेकर राष्ट्रपति को मेल करें. राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगे और बातों को रखें.

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