गुमला में वृद्ध को चिता पर जिंदा जलाया

गुमला। गुमला जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर कोराम्बी गांव में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां जमीन विवाद में बाप-बेटे ने मिलकर एक 60 साल के वृद्ध बुद्धेश्वर उरांव को जलती चिता में फेंक कर जिंदा जला दिया। घटना के बाद एक आरोपी झरी उरांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। छानबीन के लिए रांची से फोरेंसिक टीम भी बुलायी गई है।

जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह में कोराम्बी गांव में चीमा उरांव की पत्नी मंगरी देवी की मौत हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार गांव के ही टोंगरी इंद्रा में हो रहा था। मंगरी के अंतिम संस्कार में बुद्धेश्वर उरांव भी गया था। श्मशान घाट में ही बुद्धेश्वर के साथ झरी उरांव व उसके बेटे कर्मपाल का विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि बाप- बेटा ने मिलकर बुद्धेश्वर को टांगी से से घायल कर दिया और झरी उरांव ने अपनी बहन मंगरी की जलती चिता पर बुद्धेश्वर को फेंक दिया। इसमें बुद्धेश्वर जिंदा जल गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण वहां से भाग गए। वहीं हत्यारे बाप-बेटे ने ग्रामीणों को मुंह खोलने पर यही हश्र करने की धमकी दी।

मृतक बुद्धेश्वर के बेटे संदीप ने बताया कि उसके पिता झाड़ फूंक भी करते थे। गांव के झरी उरांव के परिवार से उनका जमीन विवाद चल रहा था।

दाह संस्कार में गया था वृद्ध

बुधवार को गांव की वृद्ध महिला मंगरी उरांव की मौत कुआं में डूबने से हो गई थी। उसे दाह संस्कार के लिए गांव से सटे टोंगरी इंदरा ले जाया गया। ओझा-गुणी का काम करने वाला बुद्धेश्वर उरांव भी दाह संस्कार में शामिल था। अचानक मृतका का भाई झड़ी उरांव, बेटा करमपाल उरांव ने टांगी से बुद्धेश्वर उरांव पर हमला कर दिया। फिर उसे घसीटकर मंगरी उरांव की जलती चिता में झोंक दिया।

कई गांव वाले डर के मारे भाग खड़े हुए

बुजुर्ग को चिल्लाते देख कई गांव वाले डर के मारे वहां से भाग खड़े हुए। दाह संस्कार के बाद सभी लोग घर आ गए। लेकिन बुद्धेश्वर नहीं पहुंचा। उसकी खोजबीन की गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी उसके पुत्र झड़िया उरांव को दी।

पहले झड़िया को विश्वास नहीं हुआ। लेकिन अपने पिता को न पाकर वह श्मशान पहुंचा। वहां पहुंचने पर वह स्तब्ध रह गया। उसके पिता के शरीर का ज्यादातर भाग जल चुका था।

घटना को जान पुलिस भी हैरान

झड़िया ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। जांच के लिए रांची से फारेंसिक टीम को बुलाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बुद्धेश्वर उरांव ओझा -गुणी का काम करता था। घटना के बारे में जानकर पुलिस भी सन्न रह गई।

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