एक्शन में आए ACS सिद्धार्थ, अटेंडेंस में ‘खेला’ करने वाले की खैर नहीं

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की गई है। अब ऑनलाइन अटेंडेंस में गड़बड़ी करने वालों पर  सख्त कार्रवाई होगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद यह साफ़ माना जा रहा है कि ऑनलाइन अटेंडेंस में धोखाधड़ी करने वाले शिक्षकों की खैर नहीं। यदि कोई ऐसा काम करते हुए पकड़े जाते हैं तो तकनीकी जांच के बाद दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग के निदेशक ने इस मामले में एक्शन लेने के ऑर्डर दिए हैं।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों ऑनलाइन अटेंडेंस में छेड़छाड़ करने  के मामले सामने आ रहे थे। अब इस बात को  गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश सभी जिलों को दिया है। ऐसे शिक्षकों के मामले में तकनीकी जांच भी कराने को कहा गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के निदेशक एवं अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ऐसे शिक्षकों द्वारा दैनिक उपस्थिति में छेड़छाड़ से संबंधित मामले को गंभीरता लें और तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।

विभागीय निर्देश में कहा गया है कि एक सितंबर, 2024 से सभी शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति लागू है। यह शिक्षकों के लिए अनिवार्य है कि वे विद्यालय परिसर के 500 मीटर के भीतर ही उपस्थिति दर्ज करें और ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप पर परिसर के 500 मीटर के भीतर का लाइव फोटोग्राफ खींचकर अपलोड करें।

यह फोटोग्राफ स्थायी रूप से विभागीय डेटाबेस में संग्रहित होते हैं और कभी भी देखे जा सकते हैं, लेकिन कुछ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति में धोखाधड़ी करने का प्रयास किया गया है। फोटोग्राफ का अवलोकन करने पर यह पाया गया है कि कई शिक्षकों ने एक ही फोटोग्राफ बार-बार, कई दिनों तक अपलोड किया है।

ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि वो शिक्षनों ने उन दिनों विद्यालय में उपस्थित नहीं थे और किसी अन्य व्यक्ति ने पहले से खींचे गए फोटोग्राफ का उपयोग कर उपस्थिति दर्ज करायी है। कुछ शिक्षक अपनी उपस्थिति में विद्यालय परिसर के बाहर जैसे खेत या अन्य स्थानों से अस्पष्ट फोटोग्राफ अपलोड कर रहे हैं। यह कार्य शिक्षक आचरण संहिता का उल्लंघन है, जो एक गंभीर अपराध है। ऐसे शिक्षकों के मामले की तकनीकी जांच करायी जा रही है। इसके बाद दोषी शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई संबंधित जानकारी उनकी सेवा पुस्तिका में भी शामिल की जाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में पीएचडी प्रवेश के नियम बदले: अब 4 वर्षीय रिसर्च ग्रेजुएशन के बाद सीधे मिलेगा PhD में दाखिला

    Share Add as a preferred…

    कोसी-मिथिला को बड़ी सौगात: सुपौल-दरभंगा नया नेशनल हाईवे मंजूर, जल्द बनेगी DPR

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *