बापू परीक्षा सेंटर में पेपर, OMR शीट लूटने का पूरा सच सामने आया

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के दौरान पटना सिटी में स्थित बापू एग्जाम सेंटर पर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा मचाया था। यहां पेपर लीक होने की अफवाह फैली थी। परीक्षार्थियों ने पेपर कैंसिल करने के लिए पटना में प्रदर्शन किया था। इस दौरान पटना के जिलाधिकारी ने एक छात्र को थप्पड़ मार दिया था। छात्रों के प्रदर्शन के बाद आयोग ने साफ-साफ कह दिया कि परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है और दोबारा परीक्षा कराने का सवाल ही नहीं उठता है।

पेपर लूटने और फाड़ने की घटना सीसीटीवी में कैद

तमाम दावों के बीच पटना जिला प्रशासन ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया रहा है जो पटना के बापू परीक्षा भवन का बताया जा रहा है। उपद्रवी तत्वों द्वारा प्रश्नपत्र लूटने और फाड़ने की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसका फुटेज अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बदमाशों द्वारा प्रश्नपत्र बाहर भेजने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा लूटे हुए क्वेश्चन पेपर का पैकेट लहराते हुए और गेट तोड़कर बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

आयोग के अध्यक्ष क्या बोले? 

शुक्रवार को दोपहर 12 बजे शुरू हुई बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। परीक्षा के बीच दोपहर एक बजे के बाद सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक होने के दावे सामने आए। इस घटना के बाद पटना के बापू सभागार में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई ने कहा कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र अलग-अलग राज्यों से प्रिंट कराए गए थे और परीक्षा शुरू होने से तीन घंटे पहले लॉटरी के जरिए तय किया गया था कि किस केंद्र पर कौन सा सेट भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

DM कार्यालय की तरफ से जारी बयान-

वहीं, डीएम कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ”13 दिसंबर को बापू परीक्षा परिसर में कुछ उपद्रवी तत्त्वों द्वारा सुनियोजित तरीक़े से व्यवस्था भंग कर बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा रद्द कराने की साजिश की गई थी, जिसे समय रहते कार्रवाई करके विफल कर दिया गया। इसके विरुद्ध 2 प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा साज़िशकर्ताओं की पहचान और गिरफ़्तारी के लिए दो टीम का गठन किया गया है। सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।”

बयाम में आगे कहा है, जो 2 प्राथमिकी दर्ज की गई है उसमें पहली प्राथमिकी परिसर के बाहर हंगामा कर रहे 50 उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध की गई है।दूसरी प्राथमिकी परिसर के अंदर हंगामा कर रहे, परीक्षा सामग्रियों को लूट रहे तथा अव्यवस्था उत्पन्न कर रहे 150 लोगों के विरुद्ध की गई है। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से ये स्पष्ट होता है कि इस पूरे प्रकरण में 10–12 असामाजिक तत्व ही लीड कर रहे हैं तथा हंगामा कर परीक्षा बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। इन 10-12 लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इसमें कहा गया है कि बापू परीक्षा परिसर के प्रत्येक हॉल में 273 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा देने का प्रबंध था जबकि एक बॉक्स में 192 प्रश्न पत्र थे। अतः एक परीक्षा कक्ष में एक से अधिक बॉक्स सबकी उपस्थिति में खोलकर सील्ड पैकेट को विभिन्न परीक्षा कक्षों में भेजकर परीक्षार्थियों के बीच वितरित किया गया। कुल प्रश्नपत्रों की संख्या कम नहीं थी। कोई पेपर लीक का मामला नहीं था और न ही प्रश्न पत्र कम थे।

13 सितंबर को हुई थी परीक्षा

बता दें कि बीपीएससी द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर को बिहार के 912 केंद्रों पर किया गया था। राजधानी पटना में 60 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन हुआ। इस परीक्षा के लिए चार लाख 83 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 12 बजे से दो बजे तक हुई थी।

  • Related Posts

    फॉर्मर आईडी पर सदन में गरमाया मामला, मंत्री बोले—किसी किसान का लाभ नहीं रुका

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *