जन औषधि केंद्र खुलने से लोगों को मिला रोजगार, कम कीमत पर मिल रही दवाइयां

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया अच्छी रही है। कई लोगों ने बताया कि उन्हें सस्ती और लाभकारी दवाइयां आसानी से मिल रही हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य समस्याएं दूर हुई हैं। कुछ लोगों ने बताया कि पहले वे महंगी दवाओं के कारण इलाज नहीं करा पाते थे, लेकिन अब जन औषधि केंद्रों के माध्यम से उन्हें अपनी जरूरत की दवाइयां सस्ते दामों पर मिल पा रही हैं।

जन औषधि केंद्र के मालिक निशांत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “इस केंद्र को खोलकर मैंने चार-पांच लोगों को रोजगार दिया है। इसके साथ ही हमने कई जगहों पर लोगों को जन औषधि केंद्र खोलने में भी मदद की है। लोग यहां काम करने आते हैं। फिर मैं उन्हें पढ़ाता हूं और खुद का स्टोर खोलने में मदद करता हूं। यहां से लोगों को दवाओं पर 40-90 फीसदी तक की छूट मिलती है। पीएम मोदी की सरकार जाने के बाद भी अगर यह जारी रहे तो अच्छा रहेगा। पीएम मोदी का यह प्रोजेक्ट काफी अच्छा है। लोग दवाओं के लिए अपनी घर-जमीन बेच देते थे। यहां से दवाएं खरीदकर लोगों को काफी राहत मिलती है।”

दवा खरीदने आए मोहन ने बताया, “मैं नियमित रूप से यहां से बीपी और हृदय रोग से जुड़ी दवाएं खरीदता हूं। सामान्य मेडिकल स्टोर के मुकाबले यहां से दवा खरीदने पर कीमत में काफी राहत मिलती है। जो दवा मैं पहले मेडिकल स्टोर से 70 रुपये में खरीदता था, वही दवा जन औषधि केंद्र पर 15 रुपये में आती है। खास बात यह है कि दोनों दवाओं की गुणवत्ता भी एक जैसी है।”

ग्राहक एन.बी. जोशी ने बताया, “यहां शुगर और गैस की दवाइयां खरीदने आया हूं। मैं लंबे समय से यहां से दवाइयां खरीद रहा हूं। मेडिकल स्टोर की तुलना में यहां से दवाइयां खरीदने पर औसतन 80 से 90 फीसदी की बचत होती है। साथ ही दोनों दवाओं की गुणवत्ता भी एक जैसी होती है। गरीब लोगों के लिए यह काफी सुविधाजनक हो गया है। महंगाई के दौर में यहां से सस्ती दवाइयां खरीदकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। इस योजना की नींव रखने वालों ने बहुत बड़ा जनकल्याण किया है। यह एक तरह की जनसेवा है।”

उन्होंने कहा कि कम पैसे में स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। इसे खोलने के सिर्फ फायदे हैं। कोई नुकसान नहीं है। अभी इसे बड़े शहरों में खोला गया है। इसे छोटे गांवों और कस्बों में भी खोला जाना चाहिए ताकि इस योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके। देश के निचले स्तर पर लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी भी नहीं है। इसलिए, जनहित में जो भी योजना चलाई जाती हैं, उसका पूरा प्रचार-प्रसार किया जाए और आम लोगों को जानकारी दी जाए। लोगों को जागरूक किया जाए। अगर ये सब काम हो जाएं तो समाज का कल्याण सहजता से होता रहेगा।”

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