जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का बड़ा दावा : विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर लड़ेगी

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नेताओं और राजनीतिक पार्टियों से लबालब चल रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सीटों की दावेदारी जोर पकड़ने लगी है। गठबंधन की दूसरी बड़ी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने दावा कर दिया है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू और बीजेपी एक बराबर सीट पर लड़ेगी। हालांकि उमेश कुशवाहा ने कहा है कि सीट बंटवारा गठबंधन की अंदरूनी बात है जिसे पार्टियां बैठकर आपस में कर लेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी दल चट्टानी एकता के साथ जुड़े हुए हैं।

उमेश कुशवाहा ने समाचार संगठनों से बातचीत में बिहार की राजनीति में जेडीयू और बीजेपी के बीच बड़े भाई और छोटे भाई के रिश्तों में बदलाव के सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी कभी छोटी नहीं रही। उन्होंने सफाई दी कि 2019 के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी 17-17 सीटों पर लड़ी थी लेकिन जदयू किशनगंज हार गई। 2024 के चुनाव में जीतनराम मांझी आ गए, उपेंद्र कुशवाहा आ गए तो एक सीट कम लड़े। उन्होंने सीटों को लेकर सहयोगी दलों के नेताओं के दावे पर कहा कि दावा का क्या है, आपस में तालमेल से सीट बंटवारा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि एनडीए का प्रदर्शन बेहतर होगा। कुशवाहा ने याद दिलाया कि जेडीयू के नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि 2025 में 225 सीट पार होंगे।

उमेश कुशवाहा ने बिहार में लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि यह परिणाम नीतीश कुमार की देन है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में विधानसभा क्षेत्रों में पार्टियों को मिली बढ़त की गिनती करते हुए कहा कि एनडीए 177 सीट पर आगे था जिसमें 74 पर जेडीयू, 68 पर बीजेपी, 29 पर लोजपा और 6 पर हम को बढ़त मिली। बड़ा भाई और छोटा भाई के संदर्भ में जब उमेश ने लीड की सीटें गिनीं तो यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि जेडीयू बीजेपी से एक सीट कम लड़ी थी।

चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों की तरफ से सीट के दावे पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि कौन क्या कहां बोल रहा है, उस पर बोलने का कोई मतलब नहीं है। जब गठबंधन में इस पर बात होगी, तब बात करेंगे। बताते चलें कि कुछ दिन पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग फॉर्मूला अलग-अलग होता है। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के फॉर्मूला से नुकसान हुआ है इसलिए इसमें आगे सुधार होगा।

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