भागलपुर : दोस्त के साथ रंगेहाथ पकड़ी गई थी पुलिसवाली, पढ़ें बिहार में हुए कत्लेआम की इनसाइड स्टोरी

बिहार के भागलपुर हत्याकांड के पीछे लगातार चौंका देने वाले कारण सामने आ रहे हैं। हत्याकांड से पहले आरोपी पंकज ने अपने दोस्त अवध को कई बातें बताई थीं। पंकज ने कहा था कि पत्नी नीतू की तैनाती जब से नवगछिया में हुई है। वह बदल गई है। बिहार पुलिस एसोसिएशन चुनाव के बाद जब से नीतू डेलिगेट्स बनी, तब से उसके व्यवहार में काफी फर्क आ गया। पंकज ने अपने बेटे शिवांश को पढ़ाने के लिए घर पर ही महिला टीचर लगा रखी थी। नीतू के साथ खराब होते रिश्तों के कारण बच्चों पर भी असर पड़ने लगा था।

घर पर ट्यूशन बंद करने के बाद पंकज ने बेटे का टेक्नो मिशन में एडमिशन करवाया था। वह बेटी बुच्ची को भी खूब प्यार करता था। पंकज ने दोस्त को बताया था कि नीतू काफी बेपरवाह हो गई थी। घर आते ही AC ऑन करती और बेड पर लेटकर मोबाइल देखने लगती थी। मानो उसे किसी से कोई लेना-देना न हो। पंकज से नीतू पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी थी। वह बात करते हुए भाव खाती और बात-बात पर उसे दुत्कारने लगी थी। वह उसे कमाने के लिए शहर जाने को कहती और उसकी बेरोजगारी पर तंज कसती थी। वह उसे क्वार्टर से जाने के लिए भी दबाव देने लगी थी।

पंकज को हो गया था अफेयर का शक

पंकज को शक था कि उसका किसी से अफेयर है। उसका शक तब यकीन में बदल गया, जब पुलिस क्लब के समीप सोमवार शाम को दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई थी। पंकज ने नीतू को रंगेहाथ उसके दोस्त के साथ पकड़ लिया था। जिसके बाद घर की कलह सड़क पर आ गई थी। पंकज ने उस शख्स के साथ रिश्ता बनाने पर नीतू को टोका। लेकिन नीतू पंकज से ही हाथापाई करने लगी। फिर क्वार्टर पर आने के बाद पांचों लोग मौत के मुंह में समा गए। नीतू की बेवफाई के कारण हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया।

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