चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर आईएमए ने जताई चिंता, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे मुलाकात

कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने चिंता जाहिर करते हुए सरकार से अस्पतालाें काे ‘सुरक्षित क्षेत्र’ घोषित करने की मांग की है। डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर आज मंगलवार को आईएमए के अध्यक्ष समेत एक प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से मुलाकात करेंगे।

केंद्र सरकार अस्पतालों को ‘सुरक्षित क्षेत्र’ घोषित करे

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आरवी अशोकन ने आज मीडिया को बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए संगठन ने कई मांगें रखी हैं जिसमें सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। केंद्र सरकार से हमारी मांगें पिछले दो दशकों से लंबित हैं। केंद्र सरकार अस्पतालों को ‘सुरक्षित क्षेत्र’ घोषित किया जाना चाहिए। इसे कानून द्वारा परिभाषित किया जाना चाहिए और स्थानीय अधिकारियों द्वारा लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कानून लाना चाहिए। हमारे पास 25 राज्यों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा पर राज्य कानून हैं, यह व्यावहारिक नहीं है क्योंकि कोई केंद्रीय कानून अस्तित्व में नहीं है। अब समय आ गया है कि अब केंद्रीय कानून पर फिर से विचार करें।

उन्होंने कहा कि भारत में अब अधिक से अधिक महिला डॉक्टर हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसको लेकर प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलने जा रहे हैं। इसके साथ बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से मिलेंगे और अपनी मांगों के जल्द समाधान के लिए दबाव डालेंगे।

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