ट्रेनी डॉक्टर के साथ बर्बरता मामले सड़क पर उतरे लोग

कोलकाता में आर कर कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए बर्बरता को लेकर पूरे देश में आक्रोश का महौल है। जहां एक तरफ जूनियर डॉक्टर्स युवती को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे है वहीं दूसरी ओर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने रविवार को एक बड़ी घोषणा की है।

ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए बर्बरता मामले में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने एक ऐलान किया है कि सोमवार 12 अगस्त देश भर के सभी अस्पतालों में वैकल्पिक सेवाओं रोकनी की घोषणा की। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए दरिंदगी को लेकर FORDA की ये घोषणा प्रदर्शन कर रहे लोगों को एकजुटता दिखाने के लिए है।

सड़क पर उतरे डॉक्टर्स एसोसिएशन

कोलकाता में हुए ट्रेनी डॉक्टर के साथ दरिंदगी मामले में अब देश भर की पूरी डॉक्टर्स एसोसिएशन एक साथ आने का ऐलान कर रही है, जहां उन्होने चेतावनी दी है कि अगर अरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं करते है तो डॉक्टर्स एसोसिएशन कोई बड़ी हड़ताल का आह्वान करेंगे।

पश्चिम बंगाल में खड़ा हुआ राजनीतिक तूफान

मिली जानकारी के लिए बता दें कि इस घटना के कारण पूरे बंगाल में एक राजनीतिक तूभान खड़ा हो गया है। जहां 10 अगस्त को, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बलात्कार के मुकदमों को सात दिनों के भीतर पूरा करने के लिए एक अध्यादेश या विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने इस मुद्दे के राजनीतिकरण की आलोचना की और त्वरित न्याय की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। मैंने देखा कि कई राजनीतिक दल सड़कों पर उतर आए हैं। हमें इसके बजाय अध्यादेश या विधेयक लाना चाहिए ताकि 7 दिनों में त्वरित न्याय हो सके।

इसके साथ ही सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि विरोध करने वाले भाजपा नेताओं को 7 दिनों में बलात्कारियों को दंडित करने के लिए विधेयक लाना चाहिए और विपक्ष के रूप में, टीएमसी और कांग्रेस का काम विधेयक का समर्थन करना है। मुकदमे में 5-6 साल क्यों लगेंगे? एक माँ और पिता ने अपनी बेटी खो दी।

सीबीआई जांच की मांग तेज

इसके साथ ही इस मामले में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने भी घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लिए और नारे लगाए, जैसे कि, “हम सीबीआई जांच चाहते हैं।” कोलकाता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी शनिवार को न्याय के लिए एक विरोध रैली निकाली। इससे पहले भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी।

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