
शिवहर (बिहार): मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना) के तहत बिहार में बुजुर्गों को प्रति माह 1,100 रुपये मिलते हैं। लेकिन शिवहर के 70 वर्षीय मोहन राम पिछले 6 सालों से इस योजना का लाभ नहीं पा सके हैं। पिपराही प्रखंड के रत्नपुर वार्ड-13 निवासी मोहन राम लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उन्हें पेंशन नहीं मिली।
छह साल से बंद पेंशन
मोहन राम ने बताया कि उन्होंने कई बार ब्लॉक कार्यालय और सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी के दफ्तर में आवेदन दिया, दस्तावेज जमा किए, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।
“कभी पिपराही ब्लॉक, कभी शिवहर कार्यालय तो कभी सीएससी सेंटर का चक्कर लगाया, पर हर बार कोई न कोई बात कहकर दूसरे कार्यालय भेज दिया जाता है। अब तो थक चुके हैं। पैसे के अभाव में दवा भी नहीं खरीद पा रहे हैं।”
परिवार भी परेशान
मोहन राम के बड़े बेटे सुनील राम ने कहा कि पिता के साथ कई बार दफ्तरों का चक्कर काटा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बहू उर्मिला देवी ने भी कहा,
“पिताजी को दवा, फल और आहार खरीदने में कठिनाई हो रही है। पेंशन न मिलने से बहुत परेशानी हो रही है।”
मोहन राम की पत्नी चुलिया देवी ने बताया कि उम्र के आखिरी पड़ाव में पेंशन ही उनका सहारा था, लेकिन वह भी नहीं मिल रही।
डीएम के ओएसडी ने भरोसा दिलाया
पिपराही नजदीक के सिएसी संचालक ने बताया कि यह ब्लॉक स्तर का मामला है। हालांकि, मामला जिला स्तर तक पहुंचने पर डीएम के विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) संदीप कुमार ने संज्ञान लिया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
“मोहन राम प्रकरण की जांच कराई जा रही है। परिवार के बेटों के नंबर लेकर बुलाया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किन कारणों से पेंशन बंद हुई। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
आधार में गलती बनी बाधा
जांच में पता चला कि मोहन राम की पेंशन 3-4 साल तक जारी रही, लेकिन 6 साल पहले अचानक बंद हो गई। बाद में पता चला कि आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत दर्ज होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई। उनके जन्म की तारीख 11-02-1995 अंकित हो गई थी, जिससे 70 वर्षीय मोहन राम वर्तमान में 31 वर्ष के दिखाए गए। इसी वजह से वह वृद्धजन पेंशन योजना के लिए योग्य नहीं माने गए।
स्थिति: बुजुर्ग मोहन राम और उनके परिवार के लिए यह गलती छह वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा अब मामले की जांच कर उचित सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है।


