भारत-नेपाल सीमा पर 540 किमी लंबी सड़क लगभग तैयार, बिहार के सीमाई इलाकों की सुरक्षा होगी और मजबूत

पटना, 17 जुलाई 2025: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिहार से सटे इलाकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। करीब 540 किलोमीटर लंबी सीमा सड़क का निर्माण अब लगभग पूरा हो चुका है, जिससे न सिर्फ सीमाई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक मजबूत और प्रभावी बन सकेगी।

बुधवार को सशस्त्र सीमा बल (SSB) सीमांत मुख्यालय, पटना के नवनियुक्त आईजी निशित कुमार उज्ज्वल ने पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सड़क परियोजना सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया और निगरानी क्षमता को बढ़ाएगी।

1299 अतिक्रमण में से 1144 हटाए गए

आईजी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो मैन्स लैंड क्षेत्र में 1299 अतिक्रमण की पहचान की गई थी, जिनमें से 1144 अतिक्रमण हटा दिए गए हैं, जबकि शेष 155 अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों को अतिक्रमण मुक्त और सुचारू संचालन योग्य बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

चुनाव को देखते हुए सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी

आईजी निशित कुमार ने यह भी बताया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस अभियान में स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है।

हाईटेक निगरानी: सर्विलांस और एएनपीआर कैमरे

सीमा क्षेत्र में निगरानी को और पुख्ता करने के लिए कई इलाकों में सर्विलांस कैमरे और एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर) कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे सीमा पार आने-जाने वाले वाहनों पर सख्त नजर रखी जा रही है। इससे स्मगलिंग, मानव तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिल रही है।

इस साल अब तक 14 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

आईजी ने बताया कि बिहार की नेपाल सीमा पर इस वर्ष अब तक आठ चीनी नागरिकों सहित कुल 14 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां संदिग्ध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन के तहत की गई हैं

रणनीतिक दृष्टिकोण से अहम है यह सड़क

भारत-नेपाल सीमा पर बन रही यह सड़क सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में भी सहायक सिद्ध होगी। सीमाई क्षेत्रों में आवागमन आसान होने से व्यापार, आपातकालीन सेवाएं और प्रशासनिक निगरानी सुलभ हो सकेगी।

यह परियोजना केंद्र सरकार द्वारा सीमाई राज्यों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की नीति के तहत चलाई जा रही है और बिहार के लिए यह एक रणनीतिक और विकासात्मक उपलब्धि मानी जा रही है

  • Related Posts

    “राज्यसभा उपसभापति पद पर बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार की संभावित नियुक्ति पर सियासी हलचल”

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया, अमित शाह और वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *