
पटना: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों के अस्पतालों को जल्द ही 5006 एएनएम नर्सें मिलने जा रही हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति ने संविदा आधारित इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।
समिति की ओर से कुल 7780 अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार कर ली गई है। चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कार्य भी पूरा हो चुका है। अब अंतिम मेधा सूची जारी करने और पदस्थापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत होगा नियोजन
इन नर्सों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत की जा रही है। स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य है कि चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द जिलों में पदस्थापित कर अस्पतालों में कार्यभार सौंप दिया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर नर्सिंग सुविधा मिल सके।
जिला विकल्प लेकर होगा पोस्टिंग
पदस्थापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी अभ्यर्थियों से तीन जिलों का विकल्प मांगा गया है। अंतिम मेधा सूची के आधार पर मेरिट और विकल्प के अनुसार जिलों में तैनाती दी जाएगी।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा से हुआ चयन
इन पदों के लिए दिसंबर 2025 में राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) आयोजित किया गया था। उसी परीक्षा के आधार पर मेधा सूची तैयार की गई है।
अस्पतालों को मिलेगा बड़ा सहारा
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि 5006 एएनएम की तैनाती से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी काफी हद तक दूर होगी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं समेत बुनियादी इलाज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


