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मंदिर की 47,000 एकड़ जमीन हुई लापता : HC ने लगाई फटकार, तो एक्शन में आई सरकार

ByRajkumar Raju

Jun 11, 2021

आप लोगों ने सामान के गायब होने की खबर सुनी होगी।लेकिन क्या जमीन के गायब होने की खबर सूनी है। जी हां ऐसा मामला तमिलनाडु से सामने आ रही है। यहां मंदिर की 47000 एकड़ जमीन लापता हो गई है। इस पूरे मामले को लेकर मद्रास हाईकोर्ट Madras High Court ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। साथ कहा है के जमीन को वापस पाने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

दरअसल, मंदिर की 47000 एकड़ जमीन लापता हो गई है। यह मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंची हुई है। जहां राज्य सरकार को कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए जानकारी मांगी है। राज्य सरकार को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर और सीई) विभाग की ओर से कार्रवाई करने और जुलाई 5 तक सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार लापता 47000 एकड़ मंदिर भूमि पर एक जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।

एचआर एंड सीई विभाग ने पुष्टि की कि सरकार मंदिर की भूमि को बहाल करने की तैयारी में है, और पहले से ही 3,43,647 एकड़ मंदिर भूमि की जानकारी सत्यापित की जा चुकी है। विभाग ने अपने पास उपलब्ध आंकड़ों और राज्य की भूमि रिकॉर्ड रजिस्ट्री में तमिलनाडु सरकार के राजस्व विभाग के साथ तुलना की है। एचआर एंड सीई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, ‘हमने वेबसाइट पर राज्य के हजारों मंदिरों से संबंधित शीर्षक दस्तावेजों, चिट्टों और यहां तक कि उपहार कार्यों की जानकारी पहले ही अपलोड कर दी गई है। अब लोग आसानी से मंदिरों के साथ भूमि की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

राज्यभर में आंदोलन

भाजपा नेता और पार्टी प्रवक्ता केटी राघवन ने कहा, ‘हमें देखना होगा कि तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) इस संबंध में कितनी गंभीर है। मद्रास हाई कोर्ट ने मानव संसाधन और सीई विभाग को पहले ही मंदिर भूमि रिकॉर्ड की असमानता के संबंध में एक जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। राज्य सरकार के नीति नोटों में 1984 में जब यह 5.25 लाख एकड़ थी और 2019-20 में जब इसे 4.78 लाख एकड़ कर दिया गया था, जिसमें 47,000 एकड़ का अंतर देखने को मिला। यदि सरकार अतिक्रमणकारियों से मंदिर की भूमि को दोबारा प्राप्त करने के लिए कदम नहीं उठाती भाजपा राज्य भर में बड़े आंदोलन शुरू करेगी।