
पटना | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में आयोजित इस अहम बैठक में कुल 41 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए जिनका सीधा असर राज्य के पत्रकारों, डॉक्टरों, सफाई कर्मचारियों, शिक्षक व आम जनता पर पड़ेगा।
पत्रकार पेंशन नियमावली में संशोधन को मंजूरी
बिहार सरकार ने पत्रकार संशोधन पेंशन नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के पेंशनधारी पत्रकारों को अब संशोधित दर पर पेंशन का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से पत्रकार समुदाय को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से इस संशोधन की मांग कर रहा था।
बिहार सफाई कर्मचारी आयोग का गठन
राज्य सरकार ने बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन को स्वीकृति प्रदान की है। यह आयोग सफाईकर्मियों के अधिकारों, कल्याण और सेवा शर्तों पर निगरानी व सुझाव देने का काम करेगा।
ड्यूटी से गायब 60 डॉक्टर बर्खास्त
कैबिनेट ने ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले 60 डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि सेवा शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
270 करोड़ रुपये की दो बड़ी मंजूरी
सरकार ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए 270 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में उपकरण (इक्विपमेंट) की खरीद के लिए भी 270 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बुनियादी शिक्षा और बाल पोषण सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- गन्ना उद्योग विभाग के लिए भर्ती सेवा नियमावली को मंजूरी।
- बिहार मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति।
- बिहार पशु चिकित्सा सेवा नियमावली को मंजूरी।
- बिहार अमीन संवर्ग नियमावली को स्वीकृति।
- बिहार राज्य निर्वाचन आयोग में नियुक्ति संबंधी संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी।
- बिहार राज्य युवा आयोग के छह नए पदों का सृजन।
- आयुष चिकित्सा पद्धति से उपचार कराने वाले विधायकों, न्यायिक अधिकारियों, राज्य सेवाओं के पदाधिकारियों और उनके आश्रितों को प्रतिपूर्ति की सुविधा प्रदान करने का निर्णय।
बिहार सरकार की यह कैबिनेट बैठक प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व्यवस्था, पत्रकार हित, बाल कल्याण, सफाई कर्मचारी सशक्तीकरण और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी जन-हितैषी योजनाओं से जुड़ी रही। इन फैसलों को लागू किए जाने के बाद राज्य के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।



