पटना। राज्य सरकार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बढ़ते दायित्वों और लगातार होने वाली छापेमारी व जांच अभियानों को देखते हुए ब्यूरो में चालक सिपाही के 30 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं। बिहार पुलिस मुख्यालय ने इन पदों को स्वीकृति दे दी है।
अब तक ब्यूरो में केवल 3 चालक सिपाही स्वीकृत थे, जिससे क्षेत्रीय जांच, छापेमारी और त्वरित कार्रवाई में काफी व्यावहारिक कठिनाइयाँ आती थीं। नए पद सृजित होने से अलग-अलग जिलों में एक साथ कार्रवाई करना आसान होगा और अभियानों की गति भी बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे समय की बचत होगी और निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026 का प्रारूप तैयार
राज्य में चौकीदार, दफादार आदि की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026 का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। फिलहाल इस पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मंतव्य लिया जा रहा है। इसके बाद गृह विभाग अधिसूचना जारी करेगा।
प्रमुख बिंदु:
- चौकीदार संवर्ग की मूल कोटि होगी।
- संवर्ग जिला स्तरीय होगा और नियुक्ति व नियंत्रण प्राधिकार संबंधित जिलाधिकारी (DM) होंगे।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 10वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण।
- अभ्यर्थी को साइकिल चलाने का ज्ञान अनिवार्य।
- केवल अपने स्थायी निवास जिले में आवेदन कर सकेंगे।
- आयु सीमा (सामान्य वर्ग): 18 से 30 वर्ष।
रिक्तियों की प्रक्रिया:
हर वर्ष 1 अप्रैल की स्थिति के आधार पर DM अपने जिले में रिक्तियों की गणना करेंगे। रोस्टर क्लियरेंस के बाद कोटिवार अधियाचना 30 अप्रैल तक गृह विभाग को भेजी जाएगी।
चयन प्रक्रिया:
दो चरणों में परीक्षा होगी—
- लिखित परीक्षा: 75 अंक
- शारीरिक परीक्षा: 50 अंक
कुल 125 अंकों के आधार पर जिलावार मेधा सूची और कोटिवार रिक्तियों के अनुसार अंतिम चयन किया जाएगा।
सरकार के इन फैसलों से जहां निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई तेज होगी, वहीं चौकीदार संवर्ग में पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का रास्ता साफ होगा।


