पटना, 31 जुलाई 2025 –खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार द्वारा विशेष अभियान के तहत राशन कार्ड निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक के तीन महीनों में 3,74,757 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिससे 13,76,276 नए लाभुकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जोड़ा गया है।
यह अभियान खासकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महादलित और अन्य योग्य गरीब परिवारों को लक्षित करते हुए चलाया गया है, ताकि उन्हें खाद्य सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो सके।
डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा अभियान और महिला संवाद से भी मिली गति
राशन कार्ड निर्माण प्रक्रिया को गति देने में डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा अभियान और महिला संवाद जैसे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे ज़रूरतमंद परिवारों को त्वरित लाभ मिल सके।
प्रधान सचिव ने दिए अभियान को और तेज़ करने के निर्देश
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राशन कार्ड निर्माण प्रक्रिया को और सुगम, त्वरित और पारदर्शी बनाया जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित न रहे।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और प्रक्रिया
राज्य सरकार ने राशन कार्ड आवेदन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इसे जनसुलभ और पारदर्शी बना दिया है। अब इच्छुक लाभार्थी https://rconline.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- वेबसाइट पर ‘न्यू यूजर साइन अप फॉर मेरी पहचान’ पर क्लिक करें
- OTP आधारित रजिस्ट्रेशन करें
- लॉगिन कर आवेदन पत्र भरें
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- निवास प्रमाण पत्र
- परिवार का फोटो (JPG/JPEG)
- हस्ताक्षर की फोटो
- विकलांगता/आय/जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
आवेदन के बाद SMS द्वारा रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध
ऑनलाइन के साथ-साथ इच्छुक लाभार्थी नजदीकी प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर जाकर ऑफलाइन आवेदन भी जमा कर सकते हैं। सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है।
राज्य सरकार ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और समय रहते राशन कार्ड बनवाएं ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके।


