अमरपुर, बांका| 2 अगस्त 2025:अमरपुर के आदर्श मध्य विद्यालय बालक में शनिवार को एचपीवी टीकाकरण के बाद 21 छात्राओं की तबियत बिगड़ गई, जिससे स्कूल परिसर में अफरातफरी मच गई। यह टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किया जा रहा था।
टीकाकरण के बाद एक-एक कर बिगड़ी हालत
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल में 9 से 14 वर्ष की उम्र की छात्राओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका दे रही थी। टीकाकरण के बाद सभी बच्चियों को एक कमरे में बैठाया गया था ताकि कोई परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा की जा सके।
कुछ ही देर में छात्राओं ने सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की। कई बच्चियां बेहोश भी हो गईं। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल से एंबुलेंस भेजी गई और सभी छात्राओं को तत्काल इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लाया गया।
अभिभावकों का हंगामा, स्कूल प्रशासन घिरा सवालों में
बच्चों के बीमार होने की सूचना पर अभिभावक स्कूल पहुंच गए और नाराजगी जताई। कई लोगों ने टीका दिए जाने की प्रक्रिया और सतर्कता पर सवाल उठाए। स्कूल प्रशासन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन घबराहट और जानकारी के अभाव में हंगामा बढ़ता गया।
डॉक्टर ने दी सफाई, टीके में कोई गड़बड़ी नहीं
रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि—
“यह टीकाकरण पूरे बिहार में चल रहा है और कहीं से कोई दुष्प्रभाव की शिकायत नहीं आई है। अमरपुर में उमस भरी गर्मी और घबराहट की वजह से एक-दो छात्राओं की तबियत बिगड़ी, जिसे देखकर बाकी बच्चियां डर गईं। सभी की हालत अब स्थिर है।”
क्या है एचपीवी टीका और क्यों दिया जा रहा है?
एचपीवी टीका लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा देने के लिए 9 से 14 वर्ष की उम्र में लगाया जाता है। यह भारत सरकार की राष्ट्रीय टीकाकरण योजना का हिस्सा है और हाल के वर्षों में इसे स्कूलों के माध्यम से भी पहुंचाया जा रहा है।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन प्रशासन से पारदर्शिता की मांग
घटना ने एक बार फिर स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों की निगरानी और संवाद व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन मांग कर रहे हैं कि टीकाकरण से पहले पूरा ब्यौरा अभिभावकों को दिया जाए और आपात स्थिति में जवाबदेही तय हो।


