बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। जिन महिलाओं को नवंबर में पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये मिल चुके हैं, उन्हें अब मार्च के अंतिम सप्ताह तक दूसरी किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे जाएंगे। हालांकि इस राशि के साथ लाभार्थी महिला को स्वयं 5 हजार रुपये का योगदान करना अनिवार्य होगा, ताकि व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध हो सके।
चार किस्तों में मिलती है राशि
इस योजना के तहत कुल चार किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है—
- दूसरी किस्त: 20,000 रुपये (महिला का योगदान 5,000 रुपये)
- तीसरी किस्त: 40,000 रुपये (महिला का योगदान 10,000 रुपये)
- चौथी और अंतिम किस्त: 60,000 रुपये (महिला का योगदान 15,000 रुपये)
हर चरण में महिला उद्यमी को कम से कम 25 प्रतिशत अपनी हिस्सेदारी जोड़ना जरूरी है। संबंधित विभाग समय-समय पर निगरानी भी करेगा, ताकि शुरू किया गया रोजगार सही दिशा में आगे बढ़े।
चयन प्रक्रिया जारी
दूसरी किस्त जारी करने से पहले पात्र महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। इसके लिए जीविका दीदी समूह के जिला कार्यालयों को योग्य महिलाओं की सूची तैयार करनी है। फिलहाल सूची भेजने की अंतिम तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार चयन प्रक्रिया तेज़ी से जारी है और सूची जल्द मुख्यालय को भेज दी जाएगी।
दूसरी किस्त के लिए जरूरी मानक
दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए महिला उद्यमियों को कुछ मानकों पर खरा उतरना होगा, जैसे—
- शुरू किए गए उद्योग का फिजिकल वेरिफिकेशन
- जीविका समूह से जुड़ाव
- समूह की बैठकों में नियमित उपस्थिति
- आय-व्यय का सही रिकॉर्ड
इन सभी शर्तों के पूरा होने के बाद ही राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। तीसरी और चौथी किस्त के लिए अलग-अलग मापदंड निर्धारित किए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।


