बिहार में 20 बाजार प्रांगण राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जुड़ेंगे, किसानों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का मंच

पटना, 19 अगस्त 2025 – बिहार मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषोन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के 20 बाजार प्रांगणों में राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) डीपीआर आधारित योजना के कार्यान्वयन की मंजूरी दी है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपये की वन-टाइम ग्रांट उपलब्ध कराई गई है, जो पूर्णतया केंद्रांश होगी।

इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए राष्ट्रीय स्तर का एकीकृत मंच प्रदान करना है, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य और प्रतिस्पर्धी बाजार का लाभ मिल सके।


योजना के मुख्य उद्देश्य

  • कृषि वस्तुओं के व्यापार के लिए एकीकृत बाजार स्थापित करना।
  • कृषि उत्पादों के आगमन, गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण, खरीद और बिक्री, व्यापार प्रस्तावों के संचालन की सुविधा प्रदान करना।
  • इलेक्ट्रॉनिक भुगतान जैसी सेवाओं के माध्यम से व्यापार को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना।
  • किसानों, व्यापारियों और एफपीओ को पूरे देश के बाजार में अपनी उपज का विपणन करने में सक्षम बनाना।

डिजिटल कृषि निदेशालय से बेहतर अनुश्रवण

कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि बिहार में देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय पहले ही गठित किया जा चुका है। ई-नाम योजना को इसके साथ जोड़ने से राज्य के बाजार प्रांगणों का अनुश्रवण और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयोचित तरीके से किया जा सकेगा।

किसानों को अब अपनी उपज की बिक्री में सुविधा मिलेगी, जबकि खरीदारों को गुणवत्ता आधारित खरीद में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।


ई-नाम: किसानों के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है। इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में लघु किसान कृषि व्यवसाय संघ द्वारा संचालित किया जाता है।

इस मंच के माध्यम से वर्तमान एपीएमसी मंडियों को जोड़कर किसानों और व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत बाजार उपलब्ध कराया जाता है।


किसानों को प्रत्यक्ष लाभ

प्रधान सचिव ने बताया कि ई-नाम से:

  • कृषि विपणन में एकरूपता आएगी और मंडियों की प्रक्रियाएं सरल एवं सुव्यवस्थित होंगी।
  • खरीदार और विक्रेता के बीच सूचना की असमानता दूर होगी।
  • वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर रियल-टाइम मूल्य खोज संभव होगी।
  • उपज की गुणवत्ता पर आधारित पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
  • समय पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा किसानों की आय सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

बिहार कृषि के लिए ऐतिहासिक कदम

इस योजना से बिहार के किसानों को अब स्थानीय मंडियों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पूरे देश में अपने कृषि उत्पादों का व्यापार कर सकेंगे। इससे राज्य में कृषि व्यापार को नई दिशा मिलेगी और किसानों को बेहतर दाम, बड़े बाजारों तक पहुँच और प्रतिस्पर्धी माहौल मिलेगा।

यह पहल बिहार को कृषि क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाली साबित होगी और किसानों के लिए विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।


 

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