मेले में गई 15 वर्षीय खुशनुमा रहस्यमय तरीके से लापता, परिजन परेशान—थाने से लेकर अधिकारियों तक लगा रहे फरियाद, कार्रवाई ठहराव में

भागलपुर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ 15 वर्षीय नाबालिग लड़की खुशनुमा पिछले कई दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता है। घटना 16 अगस्त की रात की है, जब खुशनुमा पड़ोस की एक लड़की के साथ मेले में जाने की बात कहकर निकली थी। परिवार को यह नहीं पता था कि यह उसकी आखिरी झलक होगी—वह घर वापस नहीं लौटी।

मेले से अचानक गायब हुई खुशनुमा, परिजन सदमे में

परिजनों के अनुसार, खुशनुमा के साथ गई पड़ोस की लड़की देर रात घर लौट आई, लेकिन खुशनुमा का कोई अता-पता नहीं था।
घरवालों ने आसपास और रिश्तेदारों में पूछताछ शुरू की, लेकिन हर जगह से निराशा हाथ लगी।

कुछ देर बाद मां बीबी शहजादी को जानकारी मिली कि उनकी नाबालिग बेटी को शारिक नाम का युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
इस खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया।

थाने में शिकायत, लेकिन कार्रवाई धीमी—परिजन निराश

बीबी शहजादी ने तुरंत हबीबपुर थाना जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लेकिन परिवार का आरोप है कि—

  • पुलिस ने न तो आरोपी की तलाश तेज की
  • न ही कोई ठोस कार्रवाई की
  • न ही अब तक कोई प्रभावी जांच आगे बढ़ी

परिवार कई बार थाने गया, लेकिन उन्हें केवल “जांच जारी है” जैसे उत्तर मिलते रहे।

वरिष्ठ अधिकारियों के पास भी लगाई गुहार, लेकिन सिर्फ आश्वासन

निराश होकर खुशनुमा की मां और परिजन—

  • कई वरीय पुलिस अधिकारियों,
  • प्रशासनिक पदाधिकारियों,
  • और जनप्रतिनिधियों

के पास शिकायत लेकर पहुँचे, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला, समाधान नहीं।

परिवार के अनुसार,

“हम हर दिन अधिकारियों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन न हमारी बेटी की बरामदगी हो पाई है और न ही आरोपी पर कोई कार्रवाई दिख रही है।”

परिवार की हालत बिगड़ रही, मां की आंखें सूख चुकीं—न्याय की मांग तेज

खुशनुमा की मां बीबी शहजादी की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
बेटी की एक झलक के इंतज़ार में उनकी आंखें सूख चुकी हैं।
घर का हर सदस्य चिंता और बेबसी में टूटता जा रहा है।

गाँव के लोग भी प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठा रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल—खुशनुमा कहाँ है? कार्रवाई कब तेज होगी?

घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन—

  • नाबालिग लड़की का कोई सुराग
  • न आरोपी की गिरफ्तारी
  • न किसी तरह की प्रगति

देखने को मिल रही है।

अब सवाल यह है—

नाबालिग खुशनुमा को न्याय कब मिलेगा?
प्रशासन कार्रवाई कब तेज करेगा?

परिवार को अब भी उम्मीद है कि जिला प्रशासन सक्रिय हस्तक्षेप करेगा और खुशनुमा को सुरक्षित घर वापस लाया जाएगा।

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