120 फीट लंबाई, 3500 फीट ऊंचाई…देश का सबसे लंबा कांच का पुल तैयार, जिस पर चलने से डरना मना है

देश का सबसे लंबा कांच का पुल बनकर तैयार हो चुका है। इसे जल्दी ही लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पुल केरल जिले के इडुक्की जिले के गांव वागामोन में कोलाहलामेडु एडवेंचर पार्क में बना है। इसके लिए हाईडेंसिटी ग्लास जर्मनी से मंगाया गया है। इसे बनाने में करीब 35 टन स्टील लगा और जिला पर्यटन प्रमोशन काउंसिल ने निजी कंपनियों के सहयोग से इसे 3 करोड़ रुपये में बनाया है। दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे गहरा ब्रैकट पुल भी है। ब्रिज के ऊपर पहुंचते ही हरी भरी पहाड़ियां और 3500 फीट गहरी खाई दिखेगी।

ब्रिज की सैर के लिए किराया और टाइम फिक्स रहेगा

बताया जा रहा है कि यह पुल 120 फीट लंबा है। इस पर एक बार में 15 लोग ही जा सकेंगे और करीब 500 रुपये देने होंगे। वहीं सिर्फ 10 मिनट रुकने की परमिशन मिलेगी। पुल से मुंडकायम, कूट्टिकल और कोकायार क्षेत्रों की झलक दिखने को मिलेगी। इससे वागामोन और इडुक्की में पर्यटन को बढ़ावा देगा। ग्लास ब्रिज के अलावा रॉकेट इजेक्टर, जॉइंट स्विंग, जिप लाइन, स्काई साइक्लिंग, स्काई रोलर और बंगी ट्रैम्पोलिन जैसी रोमांच की दुनिया भी वागामोन में पर्यटकों का इंतजार कर रही है। ऐसे में इस ग्लास ब्रिज से बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए वागामोन के एडवेंचर पार्क में एक अनोखा, रोमांचक अनुभव मिलेगा।

वियतनाम, चीन, पुर्तगाल में भी बने सबसे ऊंचे पुल

वियतनाम में भी दुनिया का सबसे ऊंचा कांच का पुल बन चुका हे, जो 492 फीट ऊंचा है। यह एक जंगल के ऊपर बना है। इस ब्रिज का नाम बैक लॉन्ग ब्रिज रखा गया है, जिसका अंग्रेजी में ‘व्हाइट ड्रैगन’ कहा जाता है। यह ब्रिज 632 मीटर लंबा (2073 फीट) है। ऊंचाई 150 मीटर (492 फीट) है। ब्रिज को फ्रेंच कंपनी ने बनाया है, जिसमें खास तरह का टेंपर्ड ग्लास लगा है। इस कांच के ब्रिज पर एक बार में 450 लोग चल सकते हैं। ग्लास फ्लोर होने के कारण पर्यटकों को ब्रिज के आस-पास की खूबसूरती काफी मनमोहक लग सकती है। हालांकि इस पर चलते समय नीचे देखने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे, लेकिन नजारे आंखों को सुकून देंगे।

चीन के गुआंगडॉन्ग में भी 526 मीटर लंबा ग्लास का बॉटम ब्रिज बना है। 1600 फीट लंबा ब्रिज पिछले साल पुर्तगाल में भी खुला था।

  • Related Posts

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *