भागलपुर, 28 नवंबर 2025:
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत आज राज्यभर की 10 लाख महिलाओं को बड़ा आर्थिक लाभ मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डिजिटल माध्यम से प्रति लाभुक 10-10 हजार रुपये की राशि का कुल 1,000 करोड़ रुपये का सीधा अंतरण (DBT) किया। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में भागलपुर जिले की 10 हजार से अधिक महिलाओं को भी लाभ मिला।
भागलपुर में अब तक 4.28 लाख महिलाओं को मिला लाभ
जिला प्रशासन के अनुसार, जिले में अब तक कुल 4,28,086 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। इनके खातों में कुल 428.086 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
आज के अंतरण कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक नई महिलाओं को भी जोड़ा गया, जिनके खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई।
लाइव प्रसारण में शामिल हुए हजारों जीविका दीदी
आज आयोजित राज्यस्तरीय अंतरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
- जिला मुख्यालय स्थित समीक्षा भवन,
- सभी प्रखंड मुख्यालयों,
- तथा जीविका संकुल संघों में किया गया।
भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह, जिला स्तरीय पदाधिकारी और हजारों जीविका दीदियों की उपस्थिति में लाइव कार्यक्रम देखा गया।
कार्यक्रम के दौरान भागलपुर की फूलन कुमारी, जो ओम जीविका सहायता समूह से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को महिलाओं को रोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में अवसर उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया।
भागलपुर में तेजी से बढ़ रहा जीविका नेटवर्क
जिले में महिला सशक्तिकरण को नई गति देते हुए—
- अब तक 35,478 स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित किए जा चुके हैं।
- इनमें 4,30,985 महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
- सिर्फ पिछले दो महीनों में 1 लाख से अधिक नई महिलाएं जीविका समूह का हिस्सा बनी हैं।
- वहीं 7 हजार से अधिक नए समूह बने हैं, जो जिले में महिला उद्यमिता की बढ़ती गति को दर्शाता है।
जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के कारण महिलाओं में SHG से जुड़ने की रुचि और तेजी से बढ़ी है।
क्या है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना?
बिहार सरकार द्वारा 29 अगस्त 2025 को शुरू की गई यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
योजना का उद्देश्य
- महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में वित्तीय सहायता देना।
- ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना।
- महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना।
- प्रत्येक पात्र महिला तक योजना का लाभ सुनिश्चित करना।
योजना के तहत जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े हर परिवार की एक महिला सदस्य को 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। यह राशि छोटे व्यवसाय, उद्यम शुरू करने तथा परिवार की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है।


