
द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर/मोतिहारी
भागलपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 1.10 करोड़ रुपये की चपत लगा दी गई। इस मामले में भागलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य को मोतिहारी से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सिमरन (पिता संजय कुमार) मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र स्थित हनुमानगढ़ी (नकछेद टोला) का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
केस डायरी: दिसंबर में दर्ज हुई थी FIR
पुलिस के अनुसार, भागलपुर निवासी एक व्यक्ति को अधिक मुनाफे का झांसा देकर 1 करोड़ 10 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस संबंध में साइबर थाना भागलपुर में कांड संख्या 93/25 (दिनांक 06.12.2025) दर्ज कराई गई थी। एसएसपी के निर्देश पर तकनीकी सेल की टीम मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए अपराधियों का पीछा कर रही थी।
पूछताछ में खुलासा: जयपुर और दिल्ली में है गिरोह का हेडक्वार्टर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सिमरन ने पुलिस को बताया कि वह एक संगठित अवैध फाइनेंशियल नेटवर्क का हिस्सा है।
- बड़ा नेटवर्क: यह गिरोह मुख्य रूप से दिल्ली और जयपुर में बैठकर संचालित होता है।
- मोडस ऑपरेंडी: गिरोह के सदस्य लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘इन्वेस्टमेंट फंड’ के नाम पर डराकर या लालच देकर ठगी करते हैं।
- छापेमारी: पुलिस अब सिमरन से मिले सुरागों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए बाहरी राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
इन अधिकारियों की टीम को मिली सफलता
एसएसपी भागलपुर के निर्देशन और सिटी एसपी की निगरानी में गठित विशेष टीम ने इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई:
- छापेमारी दल: पु०अ०नि० शिव कुमार सुमन, पु०अ०नि० प्रशांत कुमार, सिपाही सुभाष कुमार, दीपक कुमार और रवि कुमार।
- तकनीकी सहयोग: पु०नि० राकेश कुमार और सिपाही धर्मेंद्र कुमार।
बचाव की सलाह: ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की खास रिपोर्ट
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी के कहने पर अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर करें। अगर आप भी किसी साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत केंद्र सरकार की हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


