बेटे की मौत के सदमे ने छीन ली माँ की साँसें, एक ही घर से निकली दो अर्थियां
जयपुर, 29 जून 2025: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के पास गौरीकुंड हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए पायलट राजवीर सिंह चौहान की तेरहवीं पर उनकी माँ विजय लक्ष्मी चौहान का भी दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इस हृदय विदारक घटना ने न सिर्फ जयपुर शहर, बल्कि पूरे देश को भावुक कर दिया है।
बेटे की शहादत से टूटा माँ का दिल
15 जून को हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में पायलट राजवीर सिंह की मौत ने उनके परिवार को तोड़ कर रख दिया था। शास्त्री नगर, जयपुर निवासी यह परिवार किसी तरह खुद को संभाल ही रहा था कि 28 जून, यानी बेटे की तेरहवीं के दिन माँ विजय लक्ष्मी के सीने में तेज़ दर्द उठा।
परिजन उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
“बेटे की मौत से वह अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं,” – परिजन
एक वीर का अंत, एक माँ की पीड़ा
राजवीर सिंह चौहान ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में 14 वर्षों तक देश की सेवा की। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने एक पायलट के रूप में नागरिक सेवाओं में योगदान देना शुरू किया।
हादसे के वक्त वह केदारनाथ से यात्रियों को ला रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 7 लोगों की मृत्यु हुई थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजवीर की पत्नी दीपिका चौहान भी लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। इस जोड़ी ने 2011 में विवाह किया था और चार महीने पहले ही जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। ऐसे समय में यह त्रासदी इस परिवार के लिए एक असहनीय दुख बनकर आई है।
अंतिम विदाई में उमड़ा जयपुर
28 जून को जहाँ एक ओर राजवीर की तेरहवीं थी, वहीं उसी दिन माँ विजय लक्ष्मी का अंतिम संस्कार भी किया गया। एक ही घर से दो-दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर पड़ोसियों और रिश्तेदारों की आँखें भर आईं।
🕊️ समर्पण और शौर्य की कहानी:
- पायलट: राजवीर सिंह चौहान
- सेवा: 14 वर्ष सेना में, रिटायरमेंट के बाद पायलट
- पत्नी: लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका सिंह
- बच्चे: चार महीने के जुड़वां
- हेलीकॉप्टर क्रैश: 15 जून 2025, गौरीकुंड
- माँ का निधन: 28 जून 2025 (तेरहवीं के दिन)


