बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और ‘हम’ (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Santosh Kumar Suman ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राष्ट्रपति Droupadi Murmu के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान हुए व्यवहार को केवल प्रोटोकॉल की अनदेखी नहीं बल्कि पूरे दलित और आदिवासी समाज के सम्मान पर चोट करार दिया। डॉ. सुमन ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा को जानबूझकर गिराने की कोशिश बताया।
डॉ. सुमन ने कहा कि देश की प्रथम नागरिक के स्वागत में मुख्यमंत्री Mamata Banerjee या उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जो शिष्टाचार की भारी कमी है। सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के मंच को छोटा करना और राष्ट्रपति को उचित स्थान न देना, उनके अनुसार वंचित समाज की संघर्ष यात्रा का अपमान है।
डॉ. सुमन ने चेताया कि देश के दलित और आदिवासी समुदाय इस घटना को देख रहे हैं और अपने सम्मान के सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पीड़ा केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि उन करोड़ों लोगों की है जो राष्ट्रपति मुर्मू को स्वाभिमान का प्रतीक मानते हैं।
अंत में डॉ. सुमन ने कड़े लहजे में कहा कि इतिहास गवाह है कि दलित-आदिवासी समाज अपने सम्मान पर चोट सहन नहीं करता। उन्होंने ‘जय जोहार’ और ‘जय बिरसा’ के उद्घोष के साथ पश्चिम बंगाल सरकार को जिम्मेदार ठहराया।


