नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025 — महिलाओं के राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज संयुक्त राष्ट्र महिला (UN Women) के प्रमुख कार्यक्रम SheLeads II के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। यह कार्यशाला देश भर की जमीनी महिला नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासकों को नेतृत्व कौशल, संवाद और शासन में भागीदारी के लिए प्रशिक्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का आयोजन ऐसे समय में किया गया है जब भारत में महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के पारित होने के बाद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण मिल चुका है। बावजूद इसके, 18वीं लोकसभा में अभी महिलाओं का प्रतिनिधित्व महज़ 14% ही है। ऐसे में यह पहल उस प्रतिनिधित्व अंतर को पाटने की एक ठोस कोशिश मानी जा रही है।
महिला नेतृत्व: सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं, विकास का मूल
उद्घाटन अवसर पर अन्नपूर्णा देवी ने स्पष्ट कहा कि “महिला नेतृत्व केवल प्रतिनिधित्व का मुद्दा नहीं है, यह विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहित करने का केंद्रबिंदु है।” उन्होंने यह भी कहा कि SheLeads जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके भीतर नेतृत्व का विश्वास जगाने और शासन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए आवश्यक नेटवर्क व कौशल से लैस करती हैं।
उनका यह भी कहना था कि भारत का विकास एजेंडा, चाहे वह 2030 के SDGs की बात हो या 2040 का भारत विज़न, महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरा है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी शामिल
इस कार्यशाला को नॉर्वे, भूटान और श्रीलंका जैसे देशों से भी समर्थन मिला है। नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि उन्हें उन पहलों पर गर्व है जो अग्रणी महिलाओं को सशक्त करती हैं और शासन में समावेशिता को बढ़ावा देती हैं।
रिकॉर्ड आवेदन, सीमित चयन
इस वर्ष कार्यशाला के लिए 22 राज्यों से 260 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो पिछले सत्र से दोगुनी संख्या है। इनमें से 36 प्रतिभागियों का चयन उनके अनुभव, प्रेरणा और भविष्य की योजनाओं के आधार पर किया गया। ये महिलाएं आगामी दो दिनों तक सांसदों, नीति विशेषज्ञों, मीडिया रणनीतिकारों के साथ संवाद करेंगी, जिससे उन्हें चुनावी रणनीति, शासन संरचना, प्रभावी संचार और मीडिया प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण मिलेगा।
महिलाओं के लिए नेतृत्व का मंच
कार्यक्रम की सह-आयोजक यूएन वुमेन इंडिया की प्रतिनिधि कांता सिंह ने कहा, “राजनीति में महिलाओं की भागीदारी केवल आवश्यकता नहीं, बल्कि विकसित भारत के सपने की नींव है। अग्रणी महिलाएं न केवल अपने समुदायों को सशक्त बनाती हैं, बल्कि ऐसी नीतियां भी बनाती हैं जो हर वर्ग की आकांक्षाओं को प्रतिनिधित्व देती हैं।”
SheLeads II एक ऐसा मंच बन चुका है जहां से भारत की भावी महिला नेता तैयार होकर निकलेंगी, जो न केवल प्रतिनिधित्व करेंगी बल्कि बदलाव की वाहक भी बनेंगी। सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम भारत के शासन तंत्र में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी को एक नई दिशा और पहचान दे रहा है।


