मधुबनी में ‘रिश्वतखोर’ इंजीनियर का खेल खत्म: 3 लाख के बिल पास करने के लिए मांग रहा था कमीशन, निगरानी ने 12 हजार लेते रंगे हाथ दबोचा

  • कलुआही प्रखंड कार्यालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बिछाया था जाल; मची अफरातफरी
  • फर्म के 3 लाख रुपये के बकाया भुगतान के बदले कनीय अभियंता हरिशंकर कुमार कर रहे थे अवैध वसूली
  • साल 2026 में निगरानी की यह 18वीं कार्रवाई, अब तक 12 भ्रष्ट अधिकारी हो चुके हैं गिरफ्तार

द वॉयस ऑफ बिहार (मधुबनी/पटना)

​बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निगरानी विभाग का एक्शन लगातार जारी है। बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने मधुबनी जिले में एक बड़ा ट्रैप ऑपरेशन करते हुए पंचायती राज विभाग के कनीय अभियंता (तकनीकी सहायक) हरिशंकर कुमार को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। कलुआही प्रखंड कार्यालय परिसर में हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।

क्या है पूरा मामला? 3 लाख के भुगतान पर अटका था कमीशन

​यह पूरी कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत पर की गई है।

  • शिकायतकर्ता: परिवादी आर्यन काश्यप (काश्यप इंटरप्राइजेज) ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी।
  • क्या था काम: उनकी फर्म ने ग्राम पंचायत पाली मोहन में ‘सेनेटरी वेंडिंग मशीन’ लगाने का कार्य पूरा किया था।
  • रिश्वत की मांग: इस योजना की करीब 3,00,000 रुपये की बकाया राशि के भुगतान के एवज में कनीय अभियंता हरिशंकर कुमार द्वारा लगातार कमीशन (रिश्वत) की मांग की जा रही थी।

DSP के नेतृत्व में बिछाया गया जाल

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप बिल्कुल सही पाए गए।

  • ​इसके तुरंत बाद पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मो. वसिम फिरोज के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल (Trap Team) का गठन किया गया।
  • ​टीम ने पूरी योजना के साथ कलुआही प्रखंड कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही भ्रष्ट इंजीनियर ने परिवादी से 12,000 रुपये की घूस ली, निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। पूछताछ के बाद अब आरोपी को मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

आंकड़े: 2026 में भ्रष्टाचार पर निगरानी का कड़ा प्रहार

​निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं है:

    • ​साल 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 18वीं प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
    • ​अब तक 16 ट्रैप कांड किए जा चुके हैं, जिनमें 12 अभियुक्तों को रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा गया है।
    • ​इस साल अब तक कुल 7,27,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।

निगरानी विभाग की जनता से अपील:

ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत संपर्क करें। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है:

  • लैंडलाइन: 0612-2215030
  • हेल्पलाइन: 0612-2215344
  • व्हाट्सएप: 9473494167
  • Related Posts

    पटना में 2.43 एकड़ में बना हाईटेक ‘मत्स्य विकास भवन’: मंत्री सुरेंद्र मेहता ने किया निरीक्षण; अब मछली पालकों को मिलेगी ट्रेनिंग और हॉस्टल की सुविधा

    Share Add as a preferred…

    Continue reading