मजबूर और मजबूत सरकार में क्या अंतर है ? बिहार आकर JP नड्डा ने समझाया, जानें…

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार दौरे पर है. उन्होंने जहानाबाद में जेडीयू प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया. जेपी नड्डा ने मजबूत और मजबूर सरकार के बीच अंतर को बताया. 2014 से पहले दस सालों तक देश में मजबूर सरकार थी. 2014 से देश में मजबूत सरकार है.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक सरकार होती है जिसे मजबूत सरकार कहते हैं.एक सरकार होती है मजबूर और कमजोर सरकार. 2014 से पहले आपने मजबूर और कमजोर सरकार,अपंग सरकार देखी है. मजबूत और मजबूत सरकार में क्या अंतर होता है?  आतंकवादी जब देश में आतंक फैलाता है तो मजबूर सरकार पाकिस्तान को डोजियर भेजती है. मजबूत सरकार वह होती है जो मोदी जी के नेतृत्व में होती है. अगर उडी और पुलवामा की घटना घटती है तो हमारे जवान पाकिस्तान में घुसकर जवाब देते हैं. सर्जिकल और एयर स्ट्राइक करते हैं. यही फर्क है मजबूत और मजबूत सरकार में .

जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी जी ने कश्मीर को मुख्य धारा मिला दिया है. कुछ परिवारों ने कश्मीर के लोगों को एक तरह से बंधक बना रखा था. वोटर को मजबूर कर रखा था. उनको आजाद करने का काम और मुख्य धारा में लाने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है. आज कश्मीर उन्मुक्त होकर प्रजातंत्र के त्यौहार में भागीदारी कर रहा है .पिछले 10 साल में राजनीति में क्या अंतर आया, 10 साल पहले राजनीति क्या होती थी.. जाति, धर्म ,इलाके, वोट बैंक की राजनीति होती थी. लेकिन मोदी जी की नेतृत्व में राजनीति की परिभाषा बदल गई है. मोदी जी एक ही बात विकासवाद को लेकर चले हैं. सबका साथ सबका विकास सबका प्रयास के मूल मंत्र को लेकर चले हैं.  मोदी जी तीसरा बार पीएम बनेंगे और भारत तीन साल के अंदर दुनिया की तीसरी अर्थ व्यवस्था बन जायेगा.

  • ये भी पढ़े..

    जीविका में 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- हर गरीब परिवार तक रोजगार और सशक्तिकरण पहुंचाना लक्ष्य

    Share Add as a preferred…

    लोकसभा में TMC के 20 बागी सांसदों को नहीं मिली अलग दल की मान्यता, सदन में अलग बैठने की मांग भी खारिज

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *