भागलपुर: भागलपुर के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में स्थित पीजी अंबेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग की जर्जर हालत अब छात्रों के लिए सीधा खतरा बनती जा रही है। विभाग की दीवारों से झड़ता प्लास्टर, छतों से गिरता मलबा और जगह-जगह फैली गहरी दरारें इस बात का सबूत हैं कि यहां शिक्षा से ज्यादा हादसे का डर हावी है।
बदहाल स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई छात्र-छात्राओं ने विभाग में आना कम कर दिया है। क्लास के दौरान विभाग का आधा हिस्सा सन्नाटा ओढ़े रहता है।
छात्र बोले—”भवन कभी भी बड़ा हादसा करा सकता है”
कई छात्रों ने बताया कि बरसात के दिनों में विभाग की छत से लगातार पानी टपकता है और भारी मात्रा में प्लास्टर नीचे गिरता रहता है।
छात्र आर्यन कुमार और सत्यम कुमार ने कहा कि कई बार वे छत से गिरते मलबे से बाल-बाल बच चुके हैं।
छात्रों का आरोप है कि विभाग की हालत वर्षों से खराब है, लेकिन न मरम्मत हुई और न ही कोई तकनीकी निरीक्षण।
युवा नगर अध्यक्ष राजेश कुमार राजा का भारी रोष—“अब मामला राज्यपाल तक ले जाएंगे”
रामविलास युवा नगर अध्यक्ष राजेश कुमार राजा ने विभाग की हालत पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“विभागाध्यक्ष बदले, अधिकारी बदले… लेकिन भवन की स्थिति जस की तस है। छात्र रोज डर के साए में पढ़ाई कर रहे हैं। अगर इस बार मरम्मत नहीं की गई तो हम पूरा मामला महामहिम राज्यपाल तक ले जाएंगे।”
उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन जल्द ही चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।
इसके तहत—
- धरना
- ज्ञापन
- मीडिया अभियान
जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।
विभागाध्यक्ष ने स्वीकार की खराब स्थिति, कहा—”कई बार भेजी गई है रिपोर्ट”
विभागाध्यक्ष संजय रजक ने भी माना कि भवन की स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने बताया कि—
- विभाग की स्थिति के बारे में कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित सूचना भेजी गई
- लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया
- यदि मरम्मत में और देर हुई तो विभागीय गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ेगा
छात्रों में दहशत, भविष्य को लेकर चिंता
छात्रों का कहना है कि—
- पढ़ाई बीच-बीच में बाधित हो जाती है
- कक्षाओं में बैठना असुरक्षित लगता है
- कई छात्रों ने विभाग में उपस्थित होना कम कर दिया है
छात्रों का यह भी कहना है कि यदि जल्द ही तकनीकी जांच और स्थायी मरम्मत कार्य नहीं शुरू हुआ, तो वे भी आंदोलन में शामिल होंगे।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल, कब होगी कार्रवाई?
दशकों पुराने इस भवन में मरम्मत न होना विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
अब देखना यह होगा कि छात्रों की मांगों और संगठन की चेतावनी के बाद प्रशासन कब तक जागता है।


