गया/पटना, 31 जुलाई 2025 –बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा ने आज गया अभियंत्रण महाविद्यालय से वर्चुअल माध्यम से बिहार के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नव-नामांकित छात्रों को प्रेरणादायक संबोधन दिया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रदीप कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजेंद्र कुमार और प्राचार्य डॉ. राजन सरकार की उपस्थिति में द्वीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
तकनीकी शिक्षा के साथ नेतृत्व और नवाचार पर जोर
प्रो. वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों के जीवन में यह नया अध्याय न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करने का अवसर है, बल्कि उन्हें नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर भी अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को आधुनिक इंजीनियर बनने के साथ-साथ रिसर्च, स्टार्टअप और सामाजिक सेवा में भी भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
सिलेबस, उपस्थिति और विश्वविद्यालय नियमों की जानकारी दी
कुलपति ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों को विश्वविद्यालय के सिलेबस, 75% अनिवार्य उपस्थिति नियम, और शैक्षणिक अनुशासन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि छात्र निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
तकनीकी संसाधनों और औद्योगिक साझेदारी की योजना
प्रो. वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय मिलकर तकनीकी शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में उद्योग साझेदारी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं।
रजिस्ट्रार और प्राचार्य ने रखे अपने विचार
कुलसचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि केवल तीन वर्षों में बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी ने ‘बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी’ का खिताब जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वहीं, प्राचार्य डॉ. राजन सरकार ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि गया से पूरे राज्य के तकनीकी संस्थानों को एक साथ संबोधित किया गया। उन्होंने कुलपति एवं विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया।
छात्रों को राष्ट्रसेवा और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर कुलपति ने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और दायित्वपूर्ण नागरिकता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा – “देश सर्वोपरि है। हमें न केवल अच्छे इंजीनियर बनना है, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी प्रेरक बनना है।”


