
रोहित, सूर्य कुमार और हार्दिक पाण्ड्या की विस्फोटक पारियों और अक्षर, कुलदीप व बुमराह की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर भारत ने पिछली चैंपियन इंग्लंड को 68 रनों से करारी शिकस्त देकर तीसरी बार ट्वेंटी-20 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।
भारतीय टीम 2014 के बाद अब फाइनल में पहुंची है। वहीं 2016 और 2022 की विजेता इंग्लैण्ड का सफर इस विश्व कप में सेमीफाइनल में खत्म हो गया। अब खिताब के लिए उसे शनिवार को दक्षिण अफ्रीका से मुकाबला करना होगा।
भारतीय टीम ने इंग्लैण्ड को जीतने के लिए 172 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में इंग्लैण्ड 16.4 ओवरों में 103 रनों पर सिमट गई। इंग्लैण्ड ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया। यह फैसला उस समय गलत साबित हुआ जब भारत ने 171 रनों का स्कोर बना लिया। इंग्लैण्ड जब बल्लेबाजी करने उतरी तो पिच ने गेंदबाजों का पक्ष लिया। इंग्लैण्ड के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इंग्लैण्ड के पांच प्रमुख बल्लेबाज सिर्फ आठ ओवरों में पवलियन लौट चुके थे। ओपनर साल्ट (5), जोस बटलर (23), मोइन अली (8), बेयरेस्टो (00), सैम करन (2) जल्दी-जल्दी आउट हो गए। इसके बाद इंग्लैण्ड संभल नहीं पाया। इंग्लैण्ड के लिए बटलर ने 23, जोफ्रा आर्चर ने 21 और हैरी ब्रुक ने 25 रनों की पारियां खेलीं।

कुलदीप और अक्षर की कमाल की गेंदबाजी
कुलदीप और अक्षर पटेल की गेंदबाजी के आगे इंग्लैण्ड के बल्लेबाज असहाय दिखे। कुलदीप ने 19 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं अक्षर पटेल ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर तीन विकेट लिए। बुमराह ने 12 रन देकर दो विकेट लिए।
रोहित का अर्धशतक
इसके पूर्व पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने वर्षा से बाधित अपनी पारी में विरोट कोहली (9) का विकेट सिर्फ 19 रनों पर खो देने के बावजूद सात विकेट पर 171 रनों का स्कोर खड़ा किया। बारिश के बाद पिच ने बल्लेबाजों का पक्ष लिया।
बारिश ने डाला खलल
मैच बारिश से गीली आउटफील्ड के कारण एक घंटे से अधिक की देरी के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद जब आठ ओवर का खेल हुआ था तब फिर जोर की बारिश आ गई। इसके लिए फिर से खेल रोकना पड़ा। तब भारतीय टीम ने दो विकेट पर 65 रन बनाए थे।


