टीम इंडिया ने इंग्लैंड को फाइनल मुकाबले में 100 रनों से हराकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
वैभव ने अपनी इस यादगार पारी में चौके-छक्कों की झड़ी लगा दी। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों पुरस्कारों से नवाजा गया। बल्ले से कमाल दिखाने के बाद वैभव ने अपने बयान से भी करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया।
वैभव का दिल छू लेने वाला बयान
चैंपियन बनने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा—
“काफी अच्छा महसूस हो रहा है। पिछले 6 से 8 महीनों में हर खिलाड़ी ने बहुत मेहनत की है। हमारे कोचिंग स्टाफ ने भी जबरदस्त काम किया। मैं अपना यह अवॉर्ड पूरी स्पोर्टिंग स्टाफ को समर्पित करता हूं। हमने फाइनल में ज्यादा दबाव नहीं लिया और वही खेल खेलने की कोशिश की, जो पूरे टूर्नामेंट में खेलते आए थे। सिर्फ एशिया कप ही नहीं, बल्कि पिछले 8–9 महीनों में हमने खुद पर बहुत काम किया है। मुझे अपनी स्किल्स पर भरोसा है और मुझे पता है कि मैं बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।”
वैभव के बल्ले से निकली ऐतिहासिक पारी
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी के सामने इंग्लैंड का बॉलिंग अटैक पूरी तरह बेबस नजर आया। उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में शतक ठोककर फाइनल इतिहास की सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड बना दिया।
इतना ही नहीं, वैभव ने मात्र 71 गेंदों में 150 रन पूरे कर अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने का कीर्तिमान भी स्थापित किया। इस पारी में उन्होंने 15 छक्के जड़े, जो अंडर-19 की एक इनिंग में सर्वाधिक सिक्स का नया रिकॉर्ड है।
वैभव की यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव मानी जा रही है, जिसने पूरी दुनिया में भारत का परचम फिर से लहरा दिया।


