
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाया जा रहा प्रदर्शन शनिवार को उस समय नया मोड़ ले गया, जब प्रदर्शन की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति बढ़ाने से इनकार करते हुए प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक जंतर-मंतर खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने कई लोगों को मौके से हटाया।
इस कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकारियों को उठाकर धरना स्थल से बाहर ले जाती दिखाई दे रही है।
अभिजीत डिपके का ऐलान- आंदोलन नहीं रुकेगा
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत डिपके ने पुलिस की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने देशभर के समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति निर्धारित समय तक ही थी और उसे आगे बढ़ाने की मांग अस्वीकार कर दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक धरना स्थल खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं होने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर विवाद
प्रदर्शन के दौरान जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह कदम डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया।
वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें केवल चिकित्सकीय आवश्यकता के कारण अस्पताल पहुंचाया गया।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
सीजेपी का कहना है कि उनका आंदोलन परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से:
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग,
- परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता,
- पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था,
- और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन जारी रहने के संकेत
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को देशभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।


