कृषि मंत्री बनते ही एक्शन में शिवराज सिंह चौहान, अभी से बुला ली अधिकारियों की बैठक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मोदी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। शिवराज को देश का नया कृषि मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही शिवराज को किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी दिया गया है। अब मंत्रालय का प्रभार मिलते ही कुछ ही देर में शिवराज सिंह चौहान एक्शन मोड में आ गए हैं। शिवराज ने देश के कृषि अधिकारियों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि शिवराज कुछ बड़े फैसले भी कर सकते हैं।

अधिकारियों को एमपी भवन बुलाया

जानकारी के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय दोनो विभागों के प्रमुख अधिकारियों को एमपी भवन बुलाया है। शिवराज कुछ ही देर में इन विभागों की पहली बैठक लेंगे। बैठक में वह किसानों के हालात सुधारने के लिए कई कदम उठा सकते हैं।

क्यों मिली ये जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज का शासन में व्यापक अनुभव और ग्रामीण आबादी के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में चौहान की नियुक्ति से कृषि क्षेत्र और कृषक समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने में सरकार के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैसा रहा राजनीतिक सफर?

पांच मार्च, 1959 को सीहोर जिले के जैत गांव में एक किसान परिवार में जन्मे चौहान की राजनीतिक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से शुरू हुई, जब वह सिर्फ 13 वर्ष के थे। वह पहली बार वर्ष 1990 में बुधनी से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और बाद में 1991 में विदिशा से संसद सदस्य बने। वह वर्ष 1996, वर्ष 1998, वर्ष 1999 और वर्ष 2004 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुने गए। शिवराज 4 बार एमपी के सीएम रहे। इस बार वह विदिशा के चुनाव जीतकर आए हैं।

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