बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस की छापेमारी के दौरान उस समय लोग हैरान रह गए जब एक झोपड़ी से नोटों की गड्डियां निकलने लगीं। मामला चकमहेसी थाना क्षेत्र का है, जहां शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई करने पहुंची पुलिस ने एक झोले में छिपाकर रखे 43 लाख 94 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए।
बड़ी डील की आशंका
पुलिस ने यह कार्रवाई चकमहेसी के सैदपुर बाजार समिति इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर की। आशंका जताई जा रही है कि यहां शराब की बड़ी खेप की खरीद-फरोख्त की तैयारी चल रही थी। हालांकि छापेमारी के दौरान मुख्य तस्कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जब्त की गई नकदी की तस्वीरें भी जारी की हैं।
शराब नहीं, नकदी मिली
छापेमारी में पुलिस को शराब की खेप तो नहीं मिली, लेकिन झोपड़ी में रखे एक झोले से बंडलों में भरी लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी राशि मिलने से अवैध कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
आरोपी का दावा—जमीन बिक्री की रकम
घटना के बाद फरार आरोपी ने पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि बरामद पैसा शराब तस्करी का नहीं, बल्कि जमीन बेचने से प्राप्त वैध राशि है। आरोपी के इस दावे के बाद पुलिस अब रकम के स्रोत की गहन जांच में जुट गई है।
एसआईटी गठित
समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। टीम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ बरामद नकदी के स्रोत की भी पड़ताल करेगी। आवश्यकता पड़ने पर राजस्व और आयकर विभाग से भी समन्वय किया जा सकता है।
जांच जारी
शराबबंदी वाले राज्य में इतनी बड़ी नकद राशि की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पैसा कहां से आया, किस उद्देश्य से रखा गया था और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की संलिप्तता है। फिलहाल नकदी जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


