सरकार का संकल्प, सभी को बिहार में ही मिलेगा रोजगार, सरकार कर रही है पूरी व्यवस्था:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

 

 

मुख्यमंत्री ने आज दूसरे दिन भी 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केन्द्रों का किया वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण, रह रहे प्रवासियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने आज दूसरे दिन भी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न क्वारंटाइन केन्द्रों का किया अवलोकन एवं निरीक्षण। केन्द्र में रह रहे प्रवासियों के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद। क्वारंटाइन केन्द्रों पर दी जा रही सुविधाओं से हुये रूबरू। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये क्वारंटाइन केन्द्र पर शौचालय, पेयजल, रसोई घर, लोगों के रहने की व्यवस्था एवं केन्द्रों की साफ-सफाई का भी बारीकी से किया अवलोकन।

 

क्र मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार का है संकल्प सभी को बिहार में ही उपलब्ध कराया जायेगा रोजगार।

 

क्र मुख्यमंत्री का निर्देश- क्वारंटाइन केन्द्रों पर आवासित सभी प्रवासियों का करायें पूर्ण सर्वे। कौन कहां से आया है? क्या रोजगार करता था? उनको यहां कैसे रोजगार उपलब्ध कराया जाय ताकि उन्हें बाहर नहीं जाना पड़े।

 

क्र मुख्यमंत्री ने कहा- हमारा दायित्व है सबको रोजगार का अवसर मिले। अपना खुद का व्यवसाय करने वाले को सरकार हर संभव मदद करेगी।

 

क्र प्रवासियों को उनके स्किल के अनुरूप यहीं पर स्वरोजगार के लिये प्रेरित करें। हमारी चाहत है किसी को मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। बिहार में ही काम के अवसर पैदा किये जायेंगे। विभिन्न उद्योगों के क्लस्टरों की करें पहचान।

 

क्र लोग बाहर जाकर कार्य कर रहे थे उन्हें वहां कष्ट झेलना पड़ा। हमारी इच्छा है कि आप सब लोग बिहार में ही रहिये। आप सभी लोग बिहार के विकास मंें भागीदार बनें। किसी को कष्ट न हो, सभी की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हम हमेशा आप की ही चिंता करते हैं।

 

क्र मुख्यमंत्री ने कहा- सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को बढ़ावा दें, बिहार में इनकी असीम संभावनायें हैं।

 

क्र मुजफ्फरपुर क्षेत्र में चमड़ा, जूता उद्योग तथा कपड़ा उद्योग की अपार संभावनायें हैं। इनसे संबंधित उद्योग को बढ़ावा देने के लिये हर संभव मदद करें।

 

क्र बाहर से आ रहे प्रवासी जो बिजली के कार्य में दक्ष हैं उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार राज्य पावर होल्डिंग कम्पनी लिमिटेड कार्रवाई करे।

 

क्र क्वारंटाइन केन्द्रों में रह रहे लोगों को मुख्यमंत्री ने कहा- आपलोगों के हित में क्वारंटाइन केन्द्रांे का किया गया है इंतजाम। 14 दिन क्वारंटाइन में रहकर खुशी-खुशी घर जाइये। यह आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिये आवश्यक है। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का करें पालन। कोरोना से बचाव का यही है प्रभावी उपाय।

 

क्र मुख्यमंत्री ने कहा- क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी जिनका बिहार के किसी भी बैंक में खाता नहीं हो उनका खाता खुलवाना सुनिश्चित करें। जिनका आधार एवं राशन कार्ड नहीं बना है उनका अविलंब राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनवायें।

 

क्र क्वारंटाइन केन्द्रों में रह रहे प्रवासियों ने वहां की गयी व्यवस्थाओं को सराहा। सभी ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है और वे लोग अब बिहार में ही रह कर काम करना चाहते हैं।

 

 

 

पटना 23 मई 2020:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज दूसरे दिन भी दो सत्रों में 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केन्द्रों पर उपलब्ध करायी जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण एवं अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केन्द्रों पर दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। क्वारंटाइन केंद्रों में शौचालय, पेयजल, रसोईघर, लोगों के रहने की व्यवस्था एवं केंद्रों की साफ सफाई का मुख्यमंत्री ने बारीकी से अवलोकन किया।

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम सत्र में मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, गोपालगंज, अररिया, किशनगंज, सहरसा, खगड़िया, सीवान एवं वैशाली तथा दूसरे सत्र में पटना, औरंगाबाद, लखीसराय, भोजपुर, शेखपुरा, नवादा, नालंदा, कैमूर, सुपौल एवं मधेपुरा के जिलाधिकारियों ने क्वारंटाइन केन्द्रों से अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी कि सेंटर पर कितने कमरे हैं, कितने लोग वहां आवासित हैं। शौचालय की संख्या, परिसर की समुचित साफ-सफाई, रसोईघर की स्थिति, वहां कार्य करने वाले लोगों की संख्या, स्नानागार, पेयजल व्यवस्था, संस्थापित सी0सी0टीवी कैमरा आदि के संबंध में जानकारी के साथ-साथ मुख्यमंत्री को इन सभी व्यवस्थाओं को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिखाया गया।

मुजफ्फरपुर के महिला प्ले कॉलेज, बेला केंद्र पर मुम्बई से आयीं रूखसाना खातुन ने मुख्यमंत्री से बातचीत के क्रम में जानकारी देते हुयी बतायी कि वे बेटी से मिलने मुम्बई गयीं थी और लाॅकडाउन में फॅस गयी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हुये कहा कि आपने टेªन से बुलाकर क्वारंटाइन सेंटर सारी सुविधायें उपलब्ध करायी है। मेरी तबीयत भी खराब हुयी थी लेकिन यहाॅ इस केन्द्र पर सारी सुविधायें हैं और मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जाय।

मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर के महिला प्ले कॉलेज, बेला केंद्र पर पंजाब के जालंधर से आयी प्रवासी महिला श्रीमती गीता देवी से बातचीत के दौरान पूछा कि वो कब आयीं, वहां क्या करती थीं, यहां कितने दिनों से हंै। इस सेंटर पर की गई व्यवस्थाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली। श्रीमती गीता देवी ने बताया कि वो जूता फैक्ट्री में काम करती थीं, पति भी वहीं साथ थे। 18 मई को वह यहां आयी हैं यहां किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। समय पर भोजन मिलता है, साथ ही अन्य प्रकार की जरुरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां दूध भी मिल रहा है और बच्चों को बिस्किट वगैरह भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा यहां रहने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्रीमती गीता देवी ने कहा कि बिहार में ही रहेंगे और यहीं काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबों का यही संकल्प है कि यहीं आप सभी के लिए व्यवस्था करें ताकि आपलोगों को बाहर नहीं जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए लोगों का आंकलन कराया जा रहा है कि वे किस काम में विशिष्ट हैं और उसी के अनुरुप उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा। आपलोग राज्य में ही रहें। हमलोगों का संकल्प है कि बिहार में ही सभी को रोजगार मिले और इसके लिये सरकार पूरी व्यवस्था कर रही है।

वैशाली के महिला कॉलेज हाजीपुर केंद्र पर दिल्ली से आए प्रवासी श्रमिक ने मुख्यमंत्री से बातचीत के क्रम में बताया कि वे वेल्डिंग का काम करते थे। वे 17 मई को यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां क्वारंटाइन सेंटर पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 दिन यहां रहने के बाद आप अपने घर जाएंगे, यह आपके स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। प्रवासी ने बताया कि वे बिहार में ही रहने का मन बना चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग कोशिश में हैं कि आपको कहीं बाहर जाने की नौबत न आये।

समस्तीपुर के एल0के0वी0डी0 कॉलेज, ताजपुर सेंटर पर मुंबई से आए प्रवासी श्रमिक ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया कि वे मुंबई में रहकर सिलाई का काम करते थे और वे 21 मई को आए हैं। उन्होंने यहां आने पर खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी को इस बात के लिये धन्यवाद देता हूॅ कि उन्होंने हमलोगों को ट्रेन के माध्यम से अपने राज्य में वापस बुलाया। प्रवासी श्रमिक ने बताया कि यहां सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत यहां नहीं हैं।

सारण के मध्य विद्यालय चैनपुर केन्द्र पर मुम्बई से आये श्री इन्द्र कुमार माॅझी ने बताया कि वे वहाॅ बेल्डिंग का काम करते थे। वे यहाॅ 14 मई को इस केन्द्र पर आये हैं। अब उन्हें यहीं रहने की इच्छा है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इस केंद्र पर उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि यहां उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही है। मच्छरदानी, बिछावन के अलावे, बरतन, साबुन, कपड़े एवं अन्य जरुरी सामान भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यहाॅ आने पर जान में जान आयी है। यहीं रोजगार मिलेगा तो हम संकल्प लेते हैं कि यहाॅ से नहीं जायेंगे।

गोपालगंज जिले के भोला प्रसाद सिंह कॉलेज, भोरे में मुंबई से आए श्री महेश प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए बताया कि वे वहां शटरिंग का काम करते थे लेकिन अब वे यहीं रहकर काम करना चाहते हैं। यहां अपने राज्य में आकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यहां बुलाने के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि सेंटर पर सारी व्यवस्थाएं की गई हैं।

अररिया के एम0एस0 टेढ़ी मसहरी, फारबिसगंज केंद्र पर 10 मई को हरियाणा के चंडीगढ़ से आए प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे वहां इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे लेकिन अब वे अपने राज्य में रहकर ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर उन्हें तीनों समय ठीक ढंग से भोजन मिलता है और उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।

किशनगंज जिले के पोठिया केंद्र पर कर्नाटक के हुबली से आए प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे वहां कपड़ा फेरी का काम करते थे। यहां आने पर उनकी मेडिकल जांच करायी गयी और सेंटर पर क्वारंटाइन के दौरान खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। वहां से लौटने के बाद अब वे यहीं काम करना चाहते हैं।

सहरसा के कन्या मध्य विद्यालय नौहट्टा केंद्र पर दिल्ली से आए मो0 इकबाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो वहां फास्ट फूड का दुकान चलाते थे लेकिन अब वे यहीं रहकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर सभी प्रकार की सुविधाएं उन्हें मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको घबराने की जरुरत नहीं है, आपको यहीं काम मिलेगा आप यहीं रहिए। मुख्यमंत्री को उन्होंने मुबारकवाद भी दी, उसके बाद मुख्यमंत्री ने भी उन्हें ईद की बधाई दी।

खगड़िया के जे0एन0के0पी0 केंद्र पर दिल्ली से आए एक श्रमिक ने बताया कि वे वहां टेलरिंग का काम करते थे। यहां आने पर उनकी मेडिकल जांच करायी गयी और सेंटर पर क्वारंटाइन रहने के दौरान खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

सीवान के बी0पी0 पब्लिक स्कूल, अमरोली में गाजियाबाद से आए एक प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे वहां मेट्रो प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन में काम करते थे। मगर अब वे अपने बिहार में ही रहकर काम करना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर आने के बाद उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो रही है और सारी सुविधाएं मिल रही हैं।

पटना के अभियंत्रण महाविद्यालय, बख्तियारपुर केंद्र पर भरौंच से आए श्री भोला ठाकुर ने बताया कि वहां फर्नीचर बनाने का काम करते थे। उन्होंने कहा कि यहां क्वारंटाइन सेंटर पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 दिन यहां रहने के बाद आप अपने घर जाएंगे, यह आपके स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे बिहार में ही रहने का मन बना चुके हैं।

औरंगाबाद के बी0एड0 कॉलेज, महामाया बिगहा सेंटर पर दिल्ली से आयी श्रीमती देवंती कुंवर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया कि वे वहां सिलाई के साथ कढ़ाई का काम करती थीं। उन्होंने बताया कि यहां सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत यहां नहीं हैं। वे अपने राज्य में ही रहना चाहती हैं, बाहर नहीं जाना चाहती हैं।

लखीसराय के बालिका उच्च विद्यालय, हलसी केंद्र पर सूरत से आए श्री राजकुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कपड़े के मिल में काम करते थे, वे यहां 22 मई को आए हैं। अब उन्हें यहीं रहने की इच्छा है। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि यहां उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही है।

शेखपुरा के घाटकुसुंबा ब्लॉक मॉडल सेंटर पर दिल्ली से आयी एक प्रवासी महिला ने बताया कि वे वहां 5-6 वर्षों से सब्जी की दुकान चलाती थीं लेकिन अब वे यहीं रहकर काम करना चाहती हैं। यहां अपने राज्य में आकर उन्हें खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री को यहां बुलाने के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि सेंटर पर सारी व्यवस्थाएं की गई हैं।

भोजपुर के कुल्हड़िया हाई स्कूल केंद्र पर मेरठ से आए श्री दीपक कुमार ने बताया कि वे वहां बेकरी का काम करते थे लेकिन अब वे अपने राज्य में रहकर ही काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर उन्हें तीनों समय ठीक ढंग से भोजन मिलता है और उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।

नालंदा जिले के गिरियक सेंटर पर कोलकाता से आए श्री श्याम सुंदर ने बताया कि वे वहां 34 वर्षों से कारपेंटर का काम कर रहे थे। यहां आने पर उनका मेडिकल जांच कराया गया और सेंटर पर क्वारंटाइन रहने के दौरान खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। वहां से लौटने के बाद अब वे यहीं काम करना चाहते हैं।

कैमूर के डी0ए0वी0 स्कूल, रतवास केंद्र सूरत से आए श्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वे 17 मई को वे यहां आए हैं और वहां वे साड़ी छपाई का काम करते थे। उन्हें अब यहां से बाहर जाने का मन नहीं हैं। लेकिन अब वे यहीं रहकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर सभी प्रकार की सुविधाएं उन्हें मिल रही है।

नवादा के विश्वकर्मा हाई स्कूल, अकबरपुर केंद्र पर मुंबई से आए प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वह 16 मई को इस केंद्र पर आए थे। मुंबई में वे कपड़ा हैंडलूम का काम करते थे। यहां आने पर उनका मेडिकल जांच कराया गया और सेंटर पर क्वारंटाइन रहने के दौरान खाने-पीने के साथ-साथ अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

सुपौल के उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर नई दिल्ली से आए प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे वहां लेडिज पर्स बनाने का काम करते थे। मगर अब वे अपने बिहार में ही रहकर काम करना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर आने के बाद उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो रही है और सारी सुविधाएं मिल रही हैं।

मधेपुरा के पी0एस0 कॉलेज केंद्र पर दिल्ली से आए प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे वहां गाड़ी चलाने का काम करते थे और 16 मई को यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि यहां सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत यहां नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रवासी श्रमिकों से बातचीत के क्रम में कहा कि सरकार का संकल्प है कि सभी को बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि सभी को रोजगार का अवसर मिले। अपना खुद का व्यवसाय करने वालों का सरकार हरसंभव मदद करेगी। प्रवासियों को उनके स्किल के अनुरुप यहीं पर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी चाहत है कि किसी को मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। लोग बाहर जाकर कार्य कर रहे है, उन्हें वहां कष्ट झेलना पड़ता है। हमारी इच्छा है कि आप सबलोग बिहार में ही रहिए। आप सभी लोग बिहार के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि किसी को कष्ट न हो, सभी की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हम हमेशा आप की ही चिंता करते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वे का कार्य पूर्ण कराएं। कौन कहां से आया है, क्या रोजगार करता था ? उनको यहां कैसे रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि उन्हें बाहर नहीं जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को बढ़ावा दें। बिहार में इसकी असीम संभावनायें हैं। मुजफ्फरपुर क्षेत्र में चमड़ा, जूता उद्योग तथा कपड़ा उद्योग की अपार संभावनायें हैं। इनसे संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये हरसंभव मदद की जाय। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योगों के क्लस्टरों की पहचान सुनिश्चित की जाय ताकि उसके अनुरूप प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आ रहे प्रवासी जो बिजली के कार्य में दक्ष हैं, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार राज्य पावर होल्डिंग कम्पनी लिमिटेड कार्रवाई करे ताकि ऐसे लोगों को लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी जिनका बिहार के किसी भी बैंक में खाता नहीं है, उनका खाता खुलवाना सुनिश्चित करें। जिनका आधार एवं राशन कार्ड नहीं बना है, उनका अविलंब राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनवाया जाए।

क्वारंटाइन केंद्र पर रह रहे लोगों को मुख्यमंत्री ने कहा कि आपलोगों के हित में क्वारंटाइन केंद्र बनाए गए हैं जहां सारी व्यवस्थाएं की गई है। 14 दिन क्वारंटाइन में रहकर आप सभी खुशी-खुशी घर जाइये। यह आपके और आपके परिवार के लिए आवश्यक है। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना से बचाव का यही प्रभावी उपाय है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पांडेय, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री उदय सिंह कुमावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 20 जिलों के जिलाधिकारी एवं 40 क्वारंटाइन केंद्रों से वहां रह रहे प्रवासी जुड़े थे।

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