भागलपुर विधायक अजीत शर्मा ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर जताया विरोध, अविलंब दाम कम करने की मांग

भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में हो रही बेतहासा वृद्धि पर आक्रोश जताया है और कहा है कि यह किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों के आर्थिक हित के खिलाफ है। जिससे सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमत में बढोतरी अवश्यंभावी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी सभी किसानों को सभी गरीब जरूरतमंद लोगों को मदद करने की बात करते है। बड़ा आश्चर्य होता है कि आज क्रूड ऑयल की कीमत 41 डॉलर प्रति बैरल है उसके बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दिन ब दिन भारी वृद्धि होती जा रही है। यूपीए सरकार के समय क्रूड ऑयल की कीमत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल से भी अधिक थी और यूपीए सरकार किसानों को, सभी मध्यमवर्गीय परिवार को सस्ते दामों पर पेट्रोल और डीजल देने का काम करती थी. और तेल कम्पनीयों को तेल की कीमतों को नही बढाने दिया जाता था। क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि होने के बाद सभी तेल कम्पनियों को यूपीए सरकार द्वारा भरपाई की जाती थी न कि जनता पर बोझ पड़ने दिया जाता था। लेकिन भाजपा की सरकार इतनी सस्ती क्रूड ऑयल होने के बाद भी जनता से मनमानी तरीके से कीमत बढ़ा रही है। लॉकडाउन के पहले डीजल की कीमत 67रू के आसपास थी और आज रुपये से भी ज्यादा हो चुकी है। वही पेट्रोल की कीमत 74 रू से लगभग 40 तक कीमत हो चुकी है। भाजपा की सरकार जनता की, किसानों की मदद बिलकुल नही कर रही है, प्रधानमत्री को इसकी दायित्व लेनी होगी और इसकी कीमत को कम करनी होगी। अगर ऐसा नही कर रहे है तो आप जनता के साथ मनमानी कर रहे है. हिटलर साही कर रहे है. ये सारासर गलत है जनता को इसे बरदास्त नहीं करेगी।

आने वाले चुनाव में मै जनता से आग्रह करूँगा की ऐसी सरकार जो आपके हित में काम नहीं कर रही है उसे उखाड़ फेकने का काम कीजिए। किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों के खिलाफ भाजपा और नरेन्द्र मोदी का यह आर्थिक आक्रमण जन विरोधी है। जिसका खामियाजा आगामी चुनाव में उन्हें अवश्य भुगतना प़ेगा। हम सरकार की इस गलत नीति का प्रतिकार करते है और सरकार से आग्रह करते है कि जनहित में पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमत को तत्काल वापस लिया जाय।

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