भागलपुर के शहरी क्षेत्र में एनएच-80 को पीसीसी बनाने की तैयारी

सड़क के घनी आबादी वाले क्षेत्र में एनएच -80 पर अबपीसीसी ( सीमेंट वाली ) सड़क बनेगी । इससे न तो बार – बार सड़क टूटेगी बल्कि बनाने से भी राहत मिलेगी । इतना ही नहीं दुर्घटनाएं भी कम होंगी । एनएच -80 के चौड़ीकरण में इसी तरह का प्रस्ताव भेजा जा रहा है । मिर्जाचौकी तक तक सड़क चौड़ीकरण का काम करना है । इसके लिए एनएच -80 के अधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है । इस प्रस्ताव में ध्यान रखा गया है कि कहां – कहां सड़क बार – बार टूट रही है । घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने के कारण सड़क पर पानी बहने , जगह – जगह गड्ढा होने से पानी जमने आदि कारणों से सड़क टूट जाती है । जिसकी बार – बार मरम्मत करनी होती है । ऐसे में पीसीसीसड़क से राहत मिलेगी । पीसीसी सड़क बिटुमिनस ( अलकतरा वाली ) सड़क से ज्यादा खर्चीला तो होता है लेकिन बिटुमिनस सड़क की बार – बार मरम्मत पर आने वाले खर्च को जोड़ा जाये तो यह पीसीसी से महंगा ही पड़ता है । दुर्घटनाऔरजाममें भी थोड़ीराहतः पीसीसी बनने के कारण सड़क टूटी नहीं रहेगी तो गाड़ियों की दुर्घटनायें कमहोंगी।हालांकि जाम के अन्य कई कारण हैं सिर्फ पीसीसी बनने से पूरी तरह राहत नहीं मिलेगी । शहर में भी बन सकती है पीसीसी सड़कः शहर के कई ऐसे जगह है जो एनएच -80 की सड़क नहीं है । जहां पर सड़क अक्सर टूट जाती है । वहीं विभाग इसे बनाने में महीनोंलगादेता है । जिसके कारण लोग काफी परेशान होते हैं ।
कहां – कहां बनेगी पीसीसी सड़क

एनएच -80 कई जगहों पर टूटी हुई है । परबत्ती , मुस्लिम हाईस्कूल , तातारपुर , स्टेशन चौक , उल्टापुल , कचहरी चौक से तिलकामांझी चौक में कई जगह , सबौर में विभिन्न जगहों पर सड़क बार – बार टूटती रहती है । इसके कारण इन जगहों पर दुर्घटनायें भी होती रहती हैं । इसलिए नाथनगर से सबौर के बीच में उसके बाद मसाढू पुल के बाद कहलगांव की ओर जिन जगहों पर घनी आबादी क्षेत्र में एनएच -80 बार – बार टूट रही है वहां पर इसे बनाया जा सकता है । हम लोग यहीं चाहते हैं कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पीसीसी 3 सड़क बने ताकि लंबे समय तक चले । इससे लोगों को राहत मिलेगी । अब सरकार की अनुमति की आवश्यकता है । -प्रदीप कुमार , अधीक्षण अभियंता , एनएच -80

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