बिहार विधान परिषद के सभापति कोरोना पॉजिटिव, सीएम नीतीश ने भी कराई जांच

 

बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह सपरिवार कोरोना संक्रमित पाए गए। उनके परिवार में पत्नी, उनके दो पुत्र और एक बहु एवं उनके आप्त सचिव को कोरोना जांच के बाद संक्रमित पाया गया। उन्होंने 30 जून को अपने आवास पर ही कोरोना जांच के लिए सैम्पल दिया था। इसकी रिपोर्ट आने के बाद उन्हें संक्रमित पाया गया। इसके बाद शनिवार को सभी को एम्स, पटना में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को स्वयं पहल कर अपना कोरोना (कोविड-19) जांच कराया है। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अ‌वधेश नारायण सिंह के साथ हाल ही में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। अवधेश नारायण सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना जांच कराया। साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने नजदीक काम करने वाले अधिकारियों को भी कोविड-19 जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अधिकारियों ने भी अपना जांच कराया है। चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।

गत एक जुलाई को विधान सभा कोटे नवनिर्वाचित नौ विधान पाष्रदों को उनकी जीत के बाद विधान परिषद में शपथ दिलाई गई थी। इसमें मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी समेत कई जाने-माने राजनेताओं की शिरकत रही थी। विप कार्यकारी सभापति के संक्रमित पाए जाने के बाद विस अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और उनके गार्ड का भी सैम्पल लिया गया। श्री मोदी ने भी सावधानी बरतते हुए जांच कराई। डॉक्टरों की टीम ने उनके सरकारी आवास 5 देशरत्न मार्ग में आकर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया। उनके आप्त सचिव शैलेन्द्र नाथ ओझा ने कहा कि उनका भी सैंपल जांच में गया है और एक दो अन्य कर्मियों का भी सैंपल जांच में भेजा गया है जो उपमुख्यमंत्री के आसपास रहते हैं। इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों समेत 15 सैम्पल लिए जानी की सूचना है।

इसके पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के अलावा चार निर्वाचित जन प्रतिनिधियों में -भाजपा विधायक पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बिनोद कुमार सिंह व उनकी पत्नी, भाजपा विधायक जीवेश कुमार मिश्र, कांग्रेस विधायक आनंद शंकर सिंह व राजद विधायक शहनवाज भी संक्रमित पाए गए हैं।

पटना सिविल सर्जन को सभापति अवधेश नारायण सिंह के निकट संपर्क में आने वाले लोगों की खोजबीन करने और जांच करने का निर्देश दिया गया है। फिर उनका सैम्पल लेकर जांच कराएंगे। सिविल सर्जन की खोजबीन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
– मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार

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