पाक मीडिया ने भी माना मोदी की सुरक्षा नीतियों का लोहा, प्रचंड जनादेश के पीछे कड़ी मेहनत और जीत की भूख

लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले प्रचंड बहुमत ने न केवल देश में विरोधियों को चुप कर दिया है बल्कि सीमा पार पाकिस्तान के सुर भी बदल दिए हैं। मोदी को मिली विराट जीत के बाद पाक मीडिया ने कहा है कि भारत की जनता ने मोदी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा वाली नीतियों का समर्थन किया है और इसी कारण मोदी को यह प्रचंड बहुमत मिला है।

पाक मीडिया के एक वर्ग ने इस जीत को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर मिला प्रचंड जनादेश करार दिया है जबकि अन्य वर्ग ने इसे दक्षिणपंथियों की जीत के वैश्विक चलन का परिणाम बताया है। पाक मीडिया में इन चुनावों के दौरान मोदी विरोधी लहर गायब रहना आश्चर्य की बात थी। अधिकतर मीडिया संस्थानों के लिए यह चुनाव का अप्रत्याशित परिणाम नहीं था। ‘डॉन’ ने अपने मुख्यपृष्ठ में लिखा कि मोदी ने आम चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। डॉन ने मोदी की सफलता को साम्प्रदायिक राजनीति की जीत करार दिया।

बालाकोट की रणनीति काम आई: डॉन
समाचार पत्र ने कहा, सीमा पार बालाकोट में हवाई हमले के रणनीतिकार के रूप में स्वयं को पेश करके मोदी ने विपक्ष को बुरी तरह पछाड़ दिया। पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाक के बीच तनाव बढ़ा है। पाकिस्तान में संरक्षित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने यह हमला कराया था। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

यह जीत न अच्छी न बुरी खबर: इमरान के सलाहकार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सलाहकार (सूचना) फिरदौस आशिक अवान ने जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा, ‘भारत में नरेंद्र मोदी को मिली जीत पाकिस्तान के लिए न तो बुरी खबर है और न ही यह अच्छी खबर है। हम भारत के साथ बातचीत करके सभी मतभेद सुलझाना चाहते हैं। हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि देश का नेतृत्व कौन कर रहा है।

भाजपा और मोदी जीत के हकदार थे: ऐजाज जका
द न्यूज इंटरनेशनल में ऐजाज जका सैयद ने लेख में कहा,‘भाजपा और मोदी ने यह चुनाव जीता है, तो वे इस जीत के संभवत: हकदार थे। उन्होंने कड़ी मेहनत की और उनमें जीतने की भूख थी।’ उन्होंने साथ ही कहा कि मोदी ने जरूर कुछ गलतियां की होंगी, लेकिन विपक्ष उन्हें दिखाने में असफल रहा।

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