दबंग 3 की शूटिंग के दौरान महेश्वर में मूर्ति टूटी,सलमान खान सहित टीम को नोटिस

सलमान खान की फिल्म दबंग-3 की शूटिंग इन दिनों मध्यप्रदेश में चल रही है। पहले शूटिंग शेड्यूल में महेश्वर में पर फिल्म का सेट लगाया गया था। जहां महल के अंदर लगे सेट को निकालते समय एक मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई थी। ASI ने प्रोडक्शन टीम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

ये है पूरा मामला

  1. नहीं तो रोक देंगे शूटिंग

    न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक खबर के अनुसार मांडू सब सर्कल एएसआई जूनियर संरक्षण सहायक अधिकारी द्वारा जारी किए नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि फिल्म निर्माता उपरोक्त आदेश पर ध्यान नहीं देते हैं तो फिल्म की शूटिंग रद्द हो सकती है। इन दिनों मांडू के जल महल में शूटिंग चल रही है।

  2. कई नियमों का हुआ उल्लंघन

    नोटिस में यह भी लिखा है कि फिल्म क्रू ने जो सेट बनाया उसके कारण  प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के साथ-साथ अन्य नियमों का उल्लंघन हुआ है। मांडू सब सर्कल, एएसआई के जूनियर संरक्षण सहायक प्रशांत पाटनकर ने कहा- नोटिस की कॉपियां धार कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को भेज दी गई हैं।

  3. कार्रवाई होगी

    इस बारे में जब संस्कृति मंत्री विजयलक्ष्मी साधो से पूछा गया तो उन्होंने कहा- जो कुछ भी हुआ वह गलत था। साधो ने कहा-मैंने मामले का संज्ञान लिया है और खरगोन जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को निर्देश जारी किए हैं। हमने पर्यटन को बढ़ावा देने महेश्वर में शूटिंग की अनुमति दी थी। अगर इस दौरान कुछ गलत हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे

  1. पहले भी हुए शूटिंग पर विवाद

    • 2 अप्रैल: महेश्वर के नर्मदा घाट पर झंडे लगाने के लिए लोहे के मोटे तारों से पुरातात्विक धरोहर को बांध दिए जाने से नुकसान का खतरा था, इसका लोगों ने विरोध किया।
    • 3 अप्रैल: राजबाड़ा में देवी अहिल्या बाई की राजगादी और देव पूजा स्थल पर आने-जाने के दरवाजे बंद करना। इसके अलावा, महेश्वर में नर्मदा घाट पर साधु-संतों पर एक गाना फिल्माया जाना।
    • 4 अप्रैल: शिवलिंग पर तखत रखा था।
  2. जल महल में बनाए दो दरवाजे

    • पुरातत्व विभाग ने  मेसर्स ड्रीम वर्ल्ड मूवीज एंड प्रोडक्शन को भेजे गए नोटिस में कहा कि स्मारक के स्तंभों से मेल खाते हुए उन्हीं के पास में कृत्रिम स्तंभ का निर्माण किया गया है।
    • इसके अलावा, स्मारक परिसर के भीतरी भाग में चोकियां, चारपाई, थर्माकोल की शीट बड़ी मात्रा में यहां-वहां बिखरी हैं। इससे राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक की छवि भी धूमिल होती है।

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