कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में अवकाश की घोषणा, 14 अप्रैल तक छुट्टी

PATNA : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में अवकाश की घोषणा कर दी गई है. विधानसभा और विधान परिषद के कर्मियों को 14 अप्रैल तक छुट्टी पर भेज दिया गया है. बिहार विधान परिषद में अवकाश की घोषणा मंगलवार को ही कर दी गई थी. जबकि विधानसभा में आज छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. वहीं, दूसरी तरफ सचिवालय में अभी भी अलटरनेट सर्विस लागू है. सचिवालय खुला होने से वहां काम करने वाले कर्मी सहमे हुए हैं.

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने लॉक डाउन तो लागू कर दिया है लेकिन बिहार का प्रशासनिक हेडक्वार्टर यानि सचिवालय खुला हुआ है. लेकिन सरकारी कर्मचारी दफ्तर आने में डर रहे हैं. कर्मचारियों ने आज सरकार को ज्ञापन देकर कहा कि सचिवालय समेत दूसरे सरकारी कार्यालयों को बंद कर दिया जाना चाहिये.

सचिवालय सेवा संघ ने सौंपा ज्ञापन

बिहार सचिवालय सेवा संघ ने आज सूबे के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार ने पूरे राज्य में लॉक डाउन तो कर दिया है लेकिन सचिवालय समेत राज्य सरकार के दूसरे कार्यालय खुले हुए हैं. सरकार ने कर्मचारियों को एक-एक दिन गैप करके आने को कहा है. यानि हर रोज आधे कर्मचारी आ रहे हैं. लेकिन उनकी तादाद भी कम नहीं है.

सचिवालय सेवा संघ ने कहा है कि सचिवालय समेत सरकार के दूसरे कार्यालयों के खुला रहने से संक्रमण का खतरा फैलने की आशंका है. सरकार को इसका भी ख्याल रखना चाहिये. शहर में लॉक डाउन होने के कारण कर्मचारियों को दफ्तर आने में हर रोज बहुत परेशानी हो रही है.

डर से फाइल नहीं छू रहे कर्मचारी

सचिवालय सेवा संघ के मुताबिक लॉक डाउन के बावजूद जो कर्मचारी दफ्तर आ जाते हैं वे भी डर से कोई सामान नहीं छू रहे हैं. जब कर्मचारी फाइलों को हाथ ही नहीं लगायेंगे तो काम कैसे होगा. सचिवालय सेवा संघ के मुताबिक कर्मचारियों में दहशत का माहौल है और सारा काम रूका हुआ है.

तत्काल सचिवालय बंद करे सरकार

बिहार सचिवालय सेवा संघ ने सरकार से तत्काल सचिवालय समेत सभी सरकारी दफ्तरों को बंद करने की मांग की है. कर्मचारियों ने कहा है कि सिर्फ वे ही दफ्तर खोले जाने चाहिये जिनका खुलना जरूरी है. कर्मचारियों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि अगर छुट्टी मिलती है तो भी वे बुलाये जाने पर हर वक्त ड्यूटी पर आने को तैयार हैं. जरूरत पड़ने पर वे अवकाश के दिन भी काम करने को तैयार हैं.

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