अगले 4 साल में गंगा नदी पर हो जाएंगे 18 पुल

 

गंगा नदी पर अगले चार साल में 18 नये पुल हो जायेंगे. इसमें से 12 पुलों पर निर्माण कार्य चल अभी रहा है और छह पुलों पर आवागमन जारी है. जिन पुलों पर फिलहाल आवागमन जारी है, उनमें मोकामा- राजेंद्र सेतु, विक्रमशिला सेतु, महात्मा गांधी सेतु, बक्सर में दो लेन का पुल, जेपी सेतु और आरा-छपरा पुल शामिल हैं.

मोकामा से राजेंद्र सेतु पुल पर आवागमन 1959 में शुरू हुआ था. वही भागलपुर में विक्रमशिला सेतु 2001 में बनकर तैयार हुई थी. इसका निर्माण 1990 में शुरू हुआ था। महात्मा गांधी सेतु का निर्माण 1970 में शुरू हुआ था और यह 1981 में पूरा हुआ था. जेपी सेतु पुल का निर्माण 2003 में 600 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ था और यह 2016 में बनकर तैयार हुआ था. इसकी लंबाई करीब 4556 मीटर है.

यह पुल बन रहे:-
कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच करीब 5000 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का पुल बन रहा है. केबल पर टिका हुआ बिहार का यह सबसे लंबा 9.76 किमी पुल 16 जनवरी 2017 को बनना शुरू हुआ था और इसे 2021 में पूरा होने की संभावना है.

सुल्तानगंज से अगवानी घाट के बीच करीब 160 मीटर लंबा ऑल 1710 करोड़ रुपए की लागत से 2 मई 2019 से बनना शुरू हुआ था. जून 2021 तक इसका निर्माण पूरा होने की संभावना है.
राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण 1491 करोड़ रुपए की लागत से 2016 में शुरू हुआ था इसे अगले साल तक बनने की संभावना है.

बख्तियारपुर-ताजपुर पुल 5.52 किलोमीटर की लंबाई में करीब 1599 करोड़ रुपये की लागत से 30 नवंबर 2011 से बनना शुरू हुआ था. 31 जुलाई 2019 इसका लक्ष्य रखा गया था लेकिन इसमें विलंब है.
बक्सर से भोजपुर के बीच ढाई किलोमीटर लंबा पुल का निर्माण 14 मई 2018 में शुरू हुआ था इसे 2021 में बनने की संभावना है.

मनिहारी से साहिबगंज के बीच उन्नीस सौ करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाने का काम अगले 2 महीने में शुरू होने की संभावना है इसे बनाने में करीब 36 महीने लगने की संभावना है.
विक्रमशिला सेतु के समानांतर करीब 4.5 किलोमीटर लंबा पुल 1110 करोड़ रुपए की लागत से अगले 2 महीने में निर्माण शुरू होने की संभावना है. इसका निर्माण 42 महीने में पूरा होने की संभावना है.

महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण करीब 3000 करोड़ की लागत से अक्टूबर में होने की संभावना है. मार्च 2024 में इसका निर्माण पूरा होने की संभावना है.
वहीं, पटना में जेपी सेतु के समानांतर करीब साढे 4 किलोमीटर लंबा 22सौ करोड़ रुपए की लागत से बनाए जाने वाले पुल की प्रक्रिया चल रही है.

मुंगेर पुल करीब3.6 किलोमीटर लंबा रेल-सह-सड़क पुल है. इसका रेल पुल शुरू हो चुका है. 2002 में इसका निर्माण शुरू हुआ था 2016 में रेल पुल का काम पूरा हो गया था. स्काइप रोज नहीं बनने की वजह से सड़क मार्ग से यातायात शुरू नहीं हो सका है.
इसके अलावा दानापुर से शेरपुर के बीच पुल बनाने के लिए डीपीआर बनाया जा रहा है.

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