4 साल से हत्या व अन्य वारदातों में शामिल टॉप टेन अपराधियों की बन रही सूची

पटना.  पिछले चार साल में राजधानी समेत पूरे जिले में हत्या समेत अन्य संगीन वारदातों में शामिल रहे अपराधियों की कुंडली पुलिस बनाने में जुटी है। अगर इन मामलों में कोई जमानत पर है या कोर्ट से बरी भी हो गया है, तब भी उसका डिटेल पुलिस लेने में जुटी है।

 

जमानत पर चल रहे आरोपियों के बारे में यह पता लगाया जा रहा है कि इन दिनों उनकी क्या गतिविधि है। उनका कहां आना-जाना है। किन-किन लोगों के साथ उनकी उठना-बैठना है।

 

जेल से बाहर आने के बाद फिर अपराध किया या नहीं। उनका नाम, पता व मोबाइल नंबर भी पुलिस लेगी। एसएसपी गरिमा मलिक के आदेश पर थानेदारों ने लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। दरअसल इसका मकसद यह है कि पुलिस के पास जेल जा चुके और फरार चल रहे अपराधियों का पूरा डाटा हो, ताकि किसी भी थाना क्षेत्र में वारदात होने पर पुलिस पहले इन लोगों की टोह में लग जाए।

 

पुलिस का मानना है कि 60-70 फीसदी अपराध वैसे लोग करते हैं, जो पहले कभी न कभी कर चुके होते हैं। ऐसे में अपराधियों की पहचान से लेकर उन्हें गिरफ्तार करने में पुलिस को आसानी होगी। पूरी जिले में 76 थाने हैं। थानेदारों को टॉप टेन कुख्यातों की सूची बनाकर अपने एसडीपीओ या डीएसपी को देने को कहा गया है। डीएसपी व एसडीपीओ काे अपने-अपने इलाके के टॉप टेन की सूची बनाने को कहा गया है। एसडीपीओ व डीएसपी अपने-अपने सिटी एसपी को टॉप टेन की सूची देंगे। उसके बाद तीनों सिटी एसी व ग्रामीण एसपी खुद टॉप टेन की लिए तैयार करेंगे।

 

दूसरे इलाके में जाकर रहने वाले अपराधी नहीं बचेंगे
दरअसल कई ऐसे दर्जनों कुख्यात अपराधी हैं जो किसी थाना क्षेत्र के वांटेड हैं, लेकिन अब उस इलाके में नहीं रह रहे हैं। इससे उस थाना की पुलिस उसे गिरफ्तारी नहीं कर पाती थी। एक-दो बार छापेमारी करने के बाद पुलिस उसका पीछा करना छोड़ देती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। एसएसपी ने कहा है कि अगर अपराधी दूसरे थाना क्षेत्र में रहता है, तो उस थानेदार की जिम्मेवारी है कि वह उसे गिरफ्तार कर उस थाने को दे जहां उसके खिलाफ केस दर्ज है।

 

सप्ताह में 5 दिन थाने जाकर केस की समीक्षा करेंगे एसपी
जिले के एसएसपी व एसपी अपने दफ्तर में ही बैठकर फोन से अपने मातहतों को दिशा-निर्देश नहीं देंगे, बल्कि अब उन्हें सप्ताह में कम से कम पांच दिन थानों में जाना होगा। हरेक एसएसपी व एसपी को रोजाना एक थाने में जाना होगा। वहां जाकर केस की समीक्षा करनी होगी। यही नहीं जिले के एसएसपी, एसपी व डीएसपी को बड़े ऑपरेशन में पुलिस के साथ छापेमारी भी करनी होगी।

 

पुलिस मुख्यालय ने इस अहम आदेश की मॉनिटरिंग का जिम्मा एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन को दिया है। जिले के एसएसपी, एसपी, रेल व ग्रामीण एसपी खुद का कामकाज निपटाने के बाद सप्ताह में पांच दिन थानों में जाएंगे। वहां थानेदार व डीएसपी या एसडीपीओ के साथ बैठकर केस की समीक्षा करेंगे। उन्हें रात तक थाने में रहकर केसों की समीक्षा करनी होगी।

 

संगीन मामलों के 12 सहित 145 गिरफ्तार
एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश पर एसपी, डीएसपी, थानेदार के साथ ही विभिन्न चौकी में तैनात पुलिसकर्मी देर रात तक गश्ती करने के साथ ही फरार अपराधियों की गिरफ्तारी करने के लिए छापेमारी कर रहे हैं। गुरुवार की देर रात तक जिले के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी के दौरान संगीन मामलों के 12 अपराधियों सहित 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

 

राजेंद्रनगर रोड नंबर एक निवासी रोहित कुमार पीरबहोर थाने में लूट, डकैती के मामले में वांटेड था। गुरुवार की देर रात कदमकुआं पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पाटण्लिपुत्र के नेहरू नगर में पुलिस ने चार अपराधियों जहानाबाद के ओमप्रकाश, गुड्डू, सौरभ और दानापुर के अमन को गिरफ्तार किया। दीघा पुलिस ने गुरुवार की रात छापेमारी कर दीघा के गेट नंबर 87 के पास से कुख्यात उमेश राय को गिरफ्तार कर लिया।

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