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13 जिलों के 325 गांवों में 80 प्रतिशत अनुदान पर बनेगा कृषि यंत्र बैंक

पटना. कृषि यंत्र बैंक के माध्यम से सरकार राज्य के किसानों की आय और फसलों की उत्पादकता बढ़ाएगी। इसके लिए गांवों में कृषि यंत्र बैंक बनाने का सरकार ने निर्णय लिया है। कृषि यंत्र बैंक की योजना सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन के तहत 2018-19 में किसान कल्याण अभियान में शामिल योजना है।

कृषि यांत्रिकीकरण के उपयोग से फार्म पावर उपलब्धता की कैटेगरी 1 के राज्यों में बिहार को रखा है। आज राज्य में फार्म पावर उपलब्धता 2.797 किलोवाट प्रति हेक्टेयर है, जो कि राष्ट्रीय औसत 2.025 किलोमीटर प्रति हेक्टेयर से अधिक है।

13 जिलों के 325 गांवों में कृषि यंत्र बैंक बनाने के लिए सरकार 80 प्रतिशत अनुदान देगी। एक जिला के 25 गांवों के चयनित 10-10 किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं। कृषि यंत्र बैंक के माध्यम से लाभुक किसान अपनी खेती करने के साथ ही गांव के अन्य किसानों को उचित किराया पर कृषि यंत्र देंगे।

रबी मौसम से ही यह योजना लागू हो रही है। कृषि विभाग ने सभी 13 जिलों के अधिकारियों को जल्द से जल्द चयनित गांवों के लाभुकों की सूची भेजने को कहा है। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन के तहत 2018-19 में किसान कल्याण अभियान के यह योजना है।

13 जिलों में अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, शेखपुरा और सीतामढ़ी शामिल हैं। पावर टिलर, रोटावेटर सहित 10 लाख रुपए तक के कृषि यंत्र बैंक स्थापित कर सकते हैं।

यांत्रिकीकरण से फसल उत्पादन में 30 प्रतिशत तक वृद्धि, उत्पादन लागत में आई 20 प्रतिशत तक कमी :
4 वर्षों से ऑनलाइन के माध्यम से किसानों से आवेदन लेकर कृषि यंत्र खरीद पर अनुदान दे रही है। यांत्रिकीकरण से राज्य में फसल उत्पादन 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई, जबकि उत्पादन लागत में 20 प्रतिशत तक कमी आयी। पिछले 10 वर्षों में देश में ट्रैक्टर की बिक्री में 5.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि हुई है।

बिहार में अभी प्रति वर्ष औसतन 40 हजार ट्रैक्टर की बिक्री हो रही है, जो पश्चिम बंगाल और झारखंड से अधिक है। राज्य के सभी जिलों में सरकार ने संस्था व व्यक्तिगत किसान को 10, 25 और 40 लाख रुपए की लागत से कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए अनुदान दे रही है। सामान्य प्रकार के कृषि यंत्र बैंक के लिए 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। प्रत्येक जिला में 80 लाख की लागत दो हाइटेक कृषि यंत्र हब स्थापित होगी।

ये ले सकते हैं कृषि यंत्र बैंक का लाभ :
कृषि यंत्र बैंक के लिए जीविका समूह, ग्राम संगठन, आत्मा से संबद्ध कृषक समूह, पैक्स, नाबार्ड या राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब, स्वयं सहायता समूह, व्यापार मंडल, कृषि यंत्र निर्माता। यंत्र योजना के लिए सरकार द्वारा 21 करोड़ 70 लाख रुपए की सरकार ने स्वीकृति दी है। पिछले 4 वर्षों से सरकार ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र खरीद पर अनुदान दे रही है।

एप से उचित किराए पर ले सकेंगे कृषि यंत्र :
बागरी और टैफे के संयुक्त प्रयास से विकसित मोबाइल आधारित एप बागरी जे फार्म सर्विस शुरू किया गया है। एप की विशेषता है कि एक किसान दूसरे किसान को उनके जरूरत का यंत्र उचित भाड़े पर उपलब्ध करा सकते हैं। एप बागरी को आच्छादित 11 जिलों मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, बेगूसराय, दरभंगा, बक्सर, भोजपुर, सासाराम, नालंदा, गया एवं पटना में संस्थान से जुड़े 50 हजार किसानों के साथ पायलट के आधार पर शुरू किया जा रहा है।

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