सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस को क्यों नहीं किया गया शामिल, मायावती ने बताई ये वजह

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) 2019 का लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) मिलकर साथ लड़ेंगे और इस गठबंधन में कांग्रेस शामिल नहीं होगी। मायावती (Mayawati) ने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ जनता बीजेपी की तानाशाही कार्यप्रणाली से परेशान है। चुनावी वादों की नाकामी से सभी परेशान है। सर्वसमाज को आदर देते हुए हम चुनावी गठबंधन कर रहे है। 2019 के लिए यह नई राजनीतिक क्रांति होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ वर्ष 1993 में विधानसभा चुनावों में काशीराम जी और मुलायाम सिंह जी के गठबंधन में चुनाव लड़ा गया था और सरकार बनाई गई थी, बीजेपी की जहरीली, सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीतिक से प्रदेश को दूर रखने की मंशा ऐसा किया गया था, देश में दोबारा ऐसे हालातों के बीच बीएसपी ने एक बार फिर ऐसा करने की जरूरत महसूस की है

मायावती ने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल न करने के पीछे कई कारण है। 1975 में कांग्रेस की घोषित इमरजेंसी थी तो आज बीजेपी राज में अघोषित इमरजेंसी है। गठबंधन में कांग्रेस के साथ का कोई खास फायदा नहीं होता। हमारा सच्चा वोट कांग्रेस का वोट डालता है लेकिन कांग्रेस का वोट नहीं डालते है।

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उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि देश की आजादी के बाद एक ही पार्टी ने काफी समय तक राज किया है, इनकी राजनीति में गरीबी का इजाफा हुआ है, बीजेपी और कांग्रेस की कार्यशैली और सोच एक ही जैसी नजर आती है। रक्षा डीलों में दोनों ही पार्टियों ने गड़बड़ी की हैं, पहले कांग्रेस ने बोफोर्स किया और अब बीजेपी जल्द ही राफेल की डील में गड़बड़ी के चलते देश की सत्ता से बाहर जाने वाली है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई है। जनविरोधी को सत्ता में आने से रोकेंगे। बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान है। जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराएंगे।

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