भागलपुर स्टेशन से दो युवतियों को अगवा कर रेप का प्रयास

बिहार के भागलपुर में स्टेशन चौक से आदिवासी बहनों को अगवा करने के बाद दो दुष्कर्मी उन्हें इशाकचक झोपड़पट्टी के एक झोपड़ी लेकर चले गये. जहां कुछ देर तक बहलाने फुसलाने के बाद उन्होंने बच्चियों के शरीर को बुरी नियत से छूना शुरू कर दिया. देखते ही देखते दोनों ने मिलकर बच्चियों के पर्सनल पार्ट को टच करना शुरू कर दिया. मामले को समझते ही 14 वर्षीय बच्ची की नजर घर में रखे एक चाकू पर पड़ी. झट से बच्ची ने चाकू उठाकर दोनों दुष्कर्मियों को उन्हें नहीं छोड़ने पर चाकू से मार देने की धमकी देते हुए उनके सामने चाकू लेकर खड़ी हो गयी. यह देख दोनों दुष्कर्मी अवाक रह गये और पीछे हट गये.

 

जैसे ही दोनों पीछे हटे बच्चियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. जिसके बाद वहां मोहल्ले के लोग जुट गये. जब मोहल्ले के लोग कुछ समझ पाते दोनों बच्चियां वहां से अपना बस्ता उठाकर भागने लगी. 14 वर्षीय बच्ची ने अपनी दिलारे से न केवल अपने साथ बड़ी घटना को होने से बचा लिया बल्कि अपनी 10 वर्षीय मौसेरी बहन को भी दरिंदों के चंगुल से निकालने में कामयाब हो गयी.

 

उक्त बातें बच्चियों ने पुलिस को जानकारी देने के क्रम में बतायी. 14 वर्षीय बच्ची ने बताया कि वह अपने गांव में ही छठी कक्षा में पढ़ती है वहीं उसकी 10 वर्षीय मौसेरी बहन अभी यूकेजी कक्षा में है. दोनों के पिता पेशे से मजदूर हैं पर बेटियों को शिक्षा देने के लिये उन दोनों के पिता ने कभी भी बेटे और बेटी में फर्क नहीं किया.

 

दहशत और दर्द में थी छोटी बहन

पुलिस द्वारा बरामद की गयी बच्चियों में से छोटी बहन 10 वर्षीय बच्ची काफी दहशत में थी. बड़ी बहन का कहना था कि दरिंदों ने उसकी छोटी बहन के प्राइवेट पार्ट में उंगली डाल दी थी. जिसके बाद उसे तेज दर्द शुरू हो गया. दर्द होते ही उसकी बहन के प्राइवेट पार्ट से खून का रिसाव शुरू हो गया. जिसे देख वह भी काफी डर गयी थी. यह देख भी उसने जान बचाने के लिए चाकू उठाया था. 10 वर्षीय बच्ची इतनी ज्यादा दर्द और दहशत में थी कि वह किसी से बात करने में भी घबरा रही थी. देर शाम परिजनों के पहुंचने के बाद एकाएक उसके आंसू छलक पड़े. वह अपने पिता से लिपट कर जोर जोर से रोने लगी.

 

क्या कहते हैं अधिकारी

घटना की जानकारी मिली है. दोनों बच्चियों का मेडिकल जांच कराया गया, बुधवार को दोनों का 164 का बयान दर्ज कराया जायेगा. मामले में पॉक्सो एक्ट समेत एससी/एसटी धारा को भी जोड़ने का निर्देश दिया गया है. मामले में नामजद आरोपित को शीघ्र गिरफ्तारी कर अज्ञात आरोपित की भी तलाश कर उसकी गिरफ्तारी के निर्देश दिये गये हैं. (विकास वैभव, रेंज डीआइजी)

 

रिश्तेदार के घर आयी बच्चियों काे स्टेशन चौक से किया अगवा

भागलपुर : मुंगेर जिले की रहने वाली दो मौसेरी बहन अपने एक रिश्तेदार से मिलने के लिए बरियारपुर स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर सोमवार दोपहर भागलपुर पहुंची थी. अपने रिश्तेदार के इंतजार में देर शाम तक बैठने के बाद दो शाेहदों ने उसे रिश्तेदार से मिलवाने के नाम पर अगवा कर लिया और उसे इशाकचक झोपड़पट्टी ले जाकर एक खपड़ैल मकान में दुष्कर्म का प्रयास करने की कोशिश की. शोर-शराबा सुन स्थानीय लोग जुटे, जिसके बाद किसी तरह दोनों बच्चियां अपनी जान बचाकर वहां से भागी.

 

मंगलवार सुबह दोनों बच्चियों को इलाके की एक जनप्रतिनिधि इशाकचक थाना लेकर पहुंच गयी, जहां दोनों बच्चों ने इलाके शातिर चोर कैला यादव की पहचान की. पीड़ित बच्चियों के बयान पर इशाकचक पुलिस ने कैला यादव और एक अज्ञात के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करवायी है.

 

इशाकचक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर एसके सुधांशु ने बताया कि बच्चियों को बरामद करने के बाद मंगलवार दोपहर दोनों बच्चियों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया. बुधवार को दोनों बच्चियों का 164 का बयान दर्ज कराया जायेगा. पीड़ित बच्चियों में से एक ने अपनी उम्र 10 वर्ष और एक ने 14 वर्ष बतायी. उन्होंने बताया कि सोमवार को दिन में करीब 11 बजे वे दोनों बरियारपुर स्टेशन से ट्रेन पर पकड़ कर दोपहर करीब 1 बजे भागलपुर स्टेशन पहुंची थी. भागलपुर पहुंच कर उन्होंने अपने भागलपुर में रहने वाले भाई को फोन किया पर आवाज स्पष्ट नहीं होने की वजह से उनका फोन कट गया. इसके बाद दोबारा उनके भाई को फोन नहीं लग पाया.

 

देर शाम तक वे दोनों स्टेशन चौक के समीप बजरंगबली मंदिर के पास अपने भाई का इंतजार करती रही पर कोई उन्हें लेने के लिए नहीं आया. देर शाम ही दो युवक मोटरसाइकिल से उनके पास पहुंचे. जहां उन्होंने बच्चियों से बातचीत कर उन्हें उनके रिश्तेदार के घर पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ लेकर चले गये. दोनों युवक अपनी बाइक पर बच्चियों को लेकर इशाकचक थाने के समीप झोपड़पट्टी के एक घर में लेकर चले गये. जहां दोनों मिलकर बच्चियों के पर्सनल पार्ट को टच करने लगे.

 

इस बात का विरोध कर दोनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. उनकी शोर सुनकर आसपास के लोग वहां जुट गये. जहां से किसी तरह दोनों बहनें वहां से भाग निकली. वहां से वे लोग एक मोहल्ले में घर के बाहर बैठे वृद्ध के पास पहुंची. वृद्ध ने उनकी मदद कर दोनों बहनों को रात में अपने घर में रुकने को कहा, जहां से मंगलवार सुबह स्थानीय जनप्रतिनिधि को बुलाकर दोनों बहनों को इशाकचक थाना को सौंप दिया.

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