भागलपुर:मालिक के सामने था कोबरा, पालतू कुत्तों ने जान देकर मालिक को बचाया

 

कुत्तों की वफादारी की एक घटना भागलपुर के विश्वविद्यालय इलाके के साहेबगंज में सोमवार की रात घटी। जब रैक्स नाम के कुत्ते और उसके तीन बच्चों ब्लैकी, क्यूटी और बिंगो ने जान पर खेलकर अपने मालिक और उनके परिवार की सांप से रक्षा की। ये पालतू कुत्ते मायागंज अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पूनम मोसेस के थे। इन्हें उनके भाई बॉबी मोसेस परिवार की तरह पालते थे। चारों की एक साथ मौत के बाद पूरा घर सदमे में है। घर वाले इस बात से भयभीत थे कि यदि सांप घर में घुस जाता तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी लेकिन कुत्तों ने उन लोगों की जान बचा ली।

 

एक-एक कर सांप के जहर से मारे गए चारों

घटना की बाबत बॉबी ने बताया कि आधी रात बाद घर के बाहर रैक्स, ब्लैकी, क्यूटी, बिंगों और दो अन्य पालतू कुत्ते बहुत भौंक रहे थे। जब वे बाहर निकले तो चारों एक कोबरा सांप के साथ जूझ रहे थे। उन लोगों ने सांप को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। कुछ ही देर में ब्लैकी, क्यूटी और बिंगो सांप के पास ही गिर गए, जबकि रैक्स सांप से जूझता रहा। कुछ देर में उसने सांप को मार डाला। इसके बाद वह खुद भी घर के बाहर ही लड़खड़ा कर गिर पड़ा। दो कुत्ते बच गए। वे अन्य चारों कुत्ते को उठाने के लिए आए तो उसने दम तोड़ दिया था। पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

 

कोबरा के घर में प्रवेश नहीं करने देने में गई जान

बॉबी ने बताया कि वीडियो में दिख रहा है कि आधी रात बाद एक कोबरा उनके घर में प्रवेश करना चाह रहा था। लेकिन घर के बाहर कैंपस के अंदर रात में वे लोग कुत्ते को खुला छोड़ देते थे। उनकी नजर कोबरा पर पड़ गई। इसके बाद ही वे लोग एक के बाद एक करके सांप से उलझ गए। फिर सांप को जब तक मार नहीं दिया तब तक लड़ते रहे। उस समय घर में वे उनकी पत्नी, बेटी शेरोन और उनकी बहन थी। उन्होंने बताया कि पग नस्ल के रैक्स नाम के कुत्ते को वे करीब ढाई साल पहले लेकर आए थे। ब्लैकी, क्यूटी और बिंगो उसी के बच्चे हैं। वे चारों कैंपस में ही पले बढ़े थे। उन चारों को कैंपस में ही दफना दिया गया है।

 

आसपास से जुट गए काफी लोग

दिन में घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में लोग बॉबी के घर पर कुत्ते को देखने के लिए जुटे थे। मृत कुत्तों को देख घर वाले समेत अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं। सभी उनकी वफादारी की है चर्चा कर रहे थे। बॉबी ने कहा कि इस घटना से वे काफी आहत हैं। घर में सुबह से ही उन चारों की गतिविधियां शुरू हो जाती थीं। उनकी मौत के बाद पूरा कैंपस सूना पड़ा हुआ है।

 

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